प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से पीयूषिका ने बदली अपनी किस्मत

 


फिरोजाबाद, 09 सितंबर (हि.स.)। सपनों को साकार करने के लिए यदि सही दिशा और सरकारी योजनाओं का सहारा मिल जाए, तो सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है, ऐसा ही प्रेरणादायक उदाहरण विकासखंड हाथवंत के ग्राम नगला हिम्मत की निवासिनी पीयूषिका ने पेश किया है। वह शासकीय योजनाओं के दम पर व्यवसाय को नई गति प्रदान कर उन महिलाओं के लिए आदर्श बनकर उभरी हैं, जो अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं।

हाथवंत के ग्राम नगला हिम्मत की निवासिनी पीयूषिका ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर पौने दो एकड़ में फैले तालाब में मत्स्य पालक का व्यवसाय शुरू किया, तभी उन्हें ज्ञात हुआ कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत उन्हें इसमें मदद प्राप्त हो सकती है, उन्हें ज्ञात हुआ कि इस योजना में प्रोजेक्ट की कुल लागत श्रेणीवार तय की गई है, सामान्य वर्ग को कुल लागत का 40 प्रतिशत अनुदान मिलता है, जबकि महिलाएं, एस0सी0 एस0टी0 और दिव्यांगजन को कुल लागत का 60 प्रतिशत अनुदान मिलता है, इस योजना के प्रावधानों के आधार पर पीयूषिका को कुल लागत का 60 प्रतिशत अनुदान अर्थात 12 लाख 60 हजार रुपए की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई।

इस मदद से उन्होंने न केवल अपने मत्स्य व्यवसाय को मजबूत किया, बल्कि इस व्यवसाय में वैज्ञानिक और उन्नत तरीकों का इस्तेमाल करने के लिए भी प्रेरित हुई, वह पारंपरिक मत्स्य पालन तक सीमित न रहकर ‘‘केंद्रीय अंतस्थलीय मत्स्य शिक्षा संस्थान‘‘ के सहयोग से जेनेटिकली इम्प्रूव्ड फिश सीड की आपूर्ति कर्ता भी बनी, उनके द्वारा जयन्ती रोहू और जी0आई0 कतला जैसी उच्च गुणवत्ता वाली किस्म का पालन व वितरण उनके द्वारा किया जा रहा है।

यह उन्नत किस्म पारंपरिक मछलियों की तुलना में 40 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक तेजी से बढ़ती है, इससे न केवल उनका उत्पादन बड़ा है, बल्कि आसपास के मत्स्य पलकों को भी उन्नत बीज उपलब्ध कराकर लाभान्वित कर रही हैं, यह पहल केवल एक परिवार की आर्थिक उन्नति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को नई गति मिली है, इसके माध्यम से वर्तमान में 5 लोगों को नियमित प्रत्यक्ष रोजगार मिला हुआ है, जबकि 15 परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार एवं आजीविका का सहारा मिल रहा है।

पीयूषिका आज उन महिलाओं के लिए आदर्श बनकर उभरी हैं, जो अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती हैं, पीयूषिका की सफलता की कहानी यह भी दर्शाती है, कि यदि नियत साफ हो और सही मार्गदर्शन मिले तो सरकार की योजनाओं से आमजन के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव उपस्थित हो सकता है।

पीयूषिका अपनी सफलता और अपने जीवन में आए, इस परिवर्तन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का कोटि-कोटि धन्यवाद अर्पित कर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़