गोवर्धन में धूमधाम से निकली 470वीं मुड़िया शोभायात्रा, गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब

 


मथुरा, 29 जुलाई(हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में गिरिराजजी की नगरी गोवर्धन में बुधवार को गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़े ही हर्षाेल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर बुधवार को गोवर्धन में प्रसिद्ध मुड़िया शोभायात्रा धूमधाम से निकाली गई। इस साल यह मुड़िया संतों की 470वीं शोभायात्रा है, जो गोवर्धन कस्बे के श्यामसुंदर दास आश्रम से चकलेश्वर महादेव मंदिर के पास तक निकाली गई।

इस ऐतिहासिक अवसर पर सैकड़ों मुड़िया संतों ने अपने सिर मुड़वाकर ढोल, मृदंग, शहनाई, बैंड-बाजे और झांझ-मंजीरों की भक्तिमय धुनों के बीच श्री गिरिराज जी की सप्तकोसीय (21 किलोमीटर) परिक्रमा की। संतों और श्रद्धालुओं की यह टोली नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रही थी, जिससे पूरा ब्रजमंडल भक्ति के रंग में सरोबार नजर आया। यह सदियों पुरानी परंपरा महान संत श्रीपाद सनातन गोस्वामी जी के तिरोभाव महोत्सव और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वर्षों से चली आ रही है।

वर्ष 1557 में चैतन्य महाप्रभु के परम शिष्य श्रीपाद सनातन गोस्वामी की अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर प्रभु ने उन्हें साक्षात दर्शन दिए थे और राधा-कृष्ण की दिव्य लीलाओं को प्रकट किया था। मान्यता है कि अपने गुरु के प्रति अगाध श्रद्धा प्रकट करने के लिए संत समाज अपने केश त्यागकर मुड़िया संत बनता है और गुरु पूर्णिमा के दिन भव्य शोभायात्रा निकालकर गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा पूरी करता है। इस परंपरा को निभाने के लिए देश-विदेश से सनातन गोस्वामी संप्रदाय के संत गोवर्धन पहुंचते हैं।

डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालु लगा चुके हैं परिक्रमा

राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेले का शुभारंभ बीती 23 जुलाई को हुआ था। मेले के सातवें दिन तक करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु गिरिराज जी की परिक्रमा कर चुके हैं। देश के कोने-कोने से हर रोज लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। परिक्रमा मार्ग में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने मुड़िया संतों के चरण छूकर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।------------

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार