राम-सीता विवाह की कथा सुनने से दाम्पत्य जीवन सुखमय रहता है : शिखा तिवारी
- रामकथा की चौथी संध्या में राम-सीता विवाह और राम वन गमन का प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रोता
मीरजापुर, 03 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में जमालपुर क्षेत्र के बहुआर गांव स्थित रविंद्रालय में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा की चौथी संध्या सोमवार को कथा वाचिका शिखा तिवारी ने राम-सीता विवाह, राम वन गमन और गंगा की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे।
कथा वाचिका ने कहा कि राम-सीता विवाह का प्रसंग सुनने से दाम्पत्य जीवन सुखमय रहता है। रामकथा के प्रसंगों को केवल सुनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सीख को जीवन में आत्मसात करना भी जरूरी है। ऐसा करने से मनुष्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने कलियुग में गंगा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गंगाजल पतित पावनी है और इसके स्मरण मात्र से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति मिलती है।
कथा में एमएलसी विनीत सिंह ने भी पहुंचकर कथा श्रवण किया। अंत में आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। कथा का संचालन रविप्रकाश त्रिपाठी ने किया।
इस दौरान ग्राम प्रधान रविशरण गुप्ता, दिनेश बियार, मनोज सिंह, धीरज सिंह, जंगबहादुर सिंह, विजेंद्र प्रताप सिंह, रंगबहादुर सिंह, दिलीप और राधेश्याम त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा