आत्मकल्याण की साधना के लिए जरुरी है शाकाहारी, सदाचारी और नशामुक्त जीवन : पंकज महाराज
मीरजापुर, 04 सितंबर (हि.स.)। जिगना क्षेत्र के महाशक्ति इंटर कॉलेज बिहसड़ा में शुक्रवार को बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज ने विशाल जनसमुदाय को जीवन को सार्थक बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जन्म-जन्मांतर के पुण्य उदय होने पर मानव शरीर मिलता है। मानव शरीर में एक ऐसी आंख और कान हैं, जिनसे ऊपरी लोकों का दर्शन और परमात्मा की आवाज का श्रवण किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भजन जीवात्मा का भोजन है। आत्मकल्याण की साधना के लिए शाकाहारी, सदाचारी और नशामुक्त जीवन अपनाना जरूरी है। मानवीय धर्म का पालन करते हुए एक-दूसरे की निःस्वार्थ सेवा करनी चाहिए। प्रेम, दया, करुणा और अहिंसा जैसे सद्गुणों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
संत पंकज जी महाराज ने शाकाहार को सुखद आहार बताते हुए कहा कि नशा अपराधों की जड़ है। इससे दूर रहकर अच्छे समाज के निर्माण में सभी को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्य सुशील कुमार सिंह, घूरन प्रसाद, मोती लाल सिंह, रामखेलावन, सतीष, भरत लाल आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा