इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू की मुठभेड़ में हुई मौत की मजिस्ट्रियल जांच शुरू

 


-24 अक्टूबर तक अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम के न्यायालय में प्रस्तुत कर सकते हैं जानकारी, साक्ष्य या दस्तावेज

वाराणसी, 01 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में जनपद वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में 20 सितंबर को प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के 30 लाख रुपये के इनामी कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता की मुठभेड़ में हुई मौत के मामले की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार के निर्देश पर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम इस मामले की जांच कर रहे हैं।

अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम ने गुरुवार को बताया कि घटना के संबंध में यदि किसी व्यक्ति के पास कोई जानकारी, साक्ष्य अथवा दस्तावेज उपलब्ध हों तो वह 24 अक्टूबर, 2026 तक उनके न्यायालय में उपस्थित होकर उन्हें लिखित अथवा मौखिक रूप से प्रस्तुत कर सकता है। जांच के दौरान प्राप्त होने वाली ऐसी सभी सूचनाओं और साक्ष्यों को प्रकरण में शामिल किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर की भोर रामनगर थाना क्षेत्र के लंका मैदान में यूपी एसटीएफ और प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीपीसी के कमांडर बृजेश गंझू के बीच मुठभेड़ हुई थी। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में 30 लाख रुपये का इनामी नक्सली कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता मारा गया था। मुठभेड़ के दौरान नक्सली की ओर से फायरिंग की गई। उसकी गोली यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण के बुलेटप्रूफ जैकेट में भी लगी थी। हालांकि, दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। बृजेश गंझू झारखंड के चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लूट्ट गांव का निवासी बताया गया है। वह स्वर्गीय पंजू गंझू का पुत्र था।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी