स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में जनगणना के आंकड़ें हाेते हैं अहम : प्रो. जय शंकर पांडेय

 




'गिनती में आओ-भारत में जनगणना का डाक इतिहास' विषयक अभिलेख प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का हुआ समापन

लखनऊ, 28 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के मार्गदर्शन में राजकीय अभिलेखागार की ओर से प्रो. विकास कुमार, स्कूल आफ डेवलपमेंट, अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी, बेंगलूरु के संयुक्त तत्वावधान में 'गिनती में आओ-भारत में जनगणना का डाक इतिहास' विषयक अभिलेख प्रदर्शनी एवं संगोष्ठी का आयोजन 24 से 28 फरवरी 2026 तक

लखनऊ विश्वविद्यालय में किया गया। आज(शनिवार) संगोष्ठी के समापन अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित समाजशास्त्र विभाग के प्रो. जयशंकर पांडेय ने जनगणना एवं स्वास्थ्य विषय पर अपना वक्तव्य दिया गया।

उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 1881 से 2011 तक निरन्तर जनगणना का कार्य कराया जा रहा है। वर्तमान समय में जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर निरन्तर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार द्वारा चलायी गयी योजनाओं से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर, प्रजनन दर, स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न संकेतकों में आशाजनक परिवर्तन आया है। भारत की वर्तमान स्वास्थ्य नीति का उद्देश्य सभी नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करना है। सरकार का महत्वपूर्ण लक्ष्य है जीवन प्रत्याशा में वृद्धि करना, शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाना तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के बजट क्रमशः वृद्धि करना।

लखनऊ विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो.प्रमोद कुमार गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि शोधार्थियों को भारत सरकार द्वारा जनगणना के प्रकाशित आंकड़ों पर कार्य न करके प्रारम्भिक आंकड़ों का उपयोग कर शोध करना चाहिए।

लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की प्रो. अर्चना तिवारी ने कहा कि प्रवासी भारतीयों पर अध्ययन का मुख्य श्रोत जनगणना से प्राप्त आंकड़े हैं। शोधार्थियों को इससे नये निष्कर्ष निकालने में अवश्य सुविधा होगा।

उक्त संगोष्ठी में 24 से 28 फरवरी, 2026 तक प्रतिभाग करने वाले विभिन्न विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। कार्यक्रम के अन्त में निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भविष्य में इसी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने की बात भी कही।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा