श्रीराम का जीवन सत्य, अनुशासन और त्याग की देता है प्रेरणा : प्रो. आरके सिंह

 




जौनपुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद जाैनपुर में वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरके सिंह ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सत्य, अनुशासन, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने व्यवहार, अध्ययन और सामाजिक जीवन में उतारना चाहिए। युवा अपनी व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दें।

कुलपति गुरुवार को विश्वविद्यालय के मानव संसाधन विकास (एचआरडी) विभाग की ओर से मुक्तांगन परिसर स्थित मंदिर प्रांगण में आयोजित रामोत्सव-2026 को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भजन-कीर्तन, नृत्य, श्री हनुमान चालीसा पाठ और श्रीराम स्तुति के सामूहिक वाचन से भक्ति एवं सांस्कृतिक मूल्यों का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विभाग के शिक्षक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने गणेश वंदना से किया। अंशिका सिंह ने श्रीराम के जीवन और आदर्शों पर विचार रखे। शुभांगी श्रीवास्तव ने ‘बजाओ ढोल, स्वागत में मेरे घर राम आए हैं’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। शोध छात्र उद्देश्य सिंह ने ‘राम की शक्ति पूजा’ के माध्यम से श्रीराम के संघर्ष, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया। सुमित ने कविता पाठ किया और दिव्यांशु सिंह ने रामोत्सव के महत्व पर विचार व्यक्त किए। शिक्षक अनुपम कुमार ने भजन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एचआरडी विभाग के अध्यक्ष डॉ. रसिकेश ने श्रीराम और रावण के चरित्र के विभिन्न पहलुओं का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से नैतिकता, संयम, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार जैसे जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने के साथ भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों के प्रति उनकी समझ को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर आगामी राष्ट्रीय स्केटिंग प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने जा रहे छात्र विनय अग्रहरि को अंगवस्त्र भेंटकर शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का संचालन प्रियांगी सिंह और पारुल श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ऋषिकेश ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव