नवविहान संस्था ने शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान करने वालों को चाणक्य सम्मान से नवाजा
लखनऊ, 25 अक्टूबर (हि.स.)। शिक्षा जगत में साक्षरता से लेकर उच्च शिक्षा तक कार्य करने वाली प्रख्यात नवविहान संस्था ने पांच राज्यों के बाद रविवार को उतर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सहकारिता भवन में शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को चाणक्य सम्मान से नवाजा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आये कैंसर अस्पताल के निदेशक प्रो. डा. एम.बी. भट्ट ने कहा कि चाणक्य हर विधा में पारंगत थे, चाहे आर्थिक हो, गुरू के रूप में हो, सामाजिक रूप में हो या फिर राजनीति या रणनीति के रूप में। हर रूप में चाणक्य अपने आप में परिपूर्ण थे।
शिक्षाविद प्रो. अमरीक सिंह ने कहा कि चाणक्य को समझने के लिए उनमें खोना पड़ेगा केवल कुछ किताबें पढ़कर हम चाणक्य को नहीं समझ सकते। चाणक्य ने भारत को वह दिया जिसके बल पर हम आज भी गौरवान्वित होते हैं। आज भारत को जो कुछ भी हासिल है उसमें उनके योगदान को नहीं नकारा जा सकता।
न्यायमूर्ति एस.एस. उपाध्याय ने कहा कि जब मैं यहां आ रहा था तो सोच रहा था कि कौन से लोग हैं जिनको चाणक्य सम्मान देना है, मुझे यही जिज्ञासा यहां खींच लायी क्योंकि उनके नाम में इतना आकषर्ण है कि उनसे जुड़ने वालों को सम्मान देकर मैं खुद अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।
वहीं न्यायमूर्ति शिवेंद्र मिश्र और एमएलसी अवनीश सिंह ने भी उनके योगदान पर प्रकाश डाला। इस क्रम में वंदना राय, डा. शिखा श्रीवास्तव, डा. पियुष श्रीवास्तव, डा. सुधांशु सिन्हा, सुधीर आर्या, नवनीत सिंह, डा. दीपक श्रीवास्तव, आनंद कृष्ण मिश्र, रेनू अग्निहोत्री, प्रो. डा. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, प्रिया रघुवंशी, विनीत सक्सेना, शुभम जगदीश और डा. जी.के.श्रीवास्तव को सम्मान से नवाजा गया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे कैंसर अस्पताल के निदेशक प्रो. डा. एम.बी. भट्ट, विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. अमरीक सिंह, न्यायमूर्ति एस.एस. उपाध्याय, न्यायमूर्ति शिवेंद्र मिश्र और एमएलसी अवनीश सिंह रहे। इन विभूतियों ने सभी चयनित लोगों को सम्मान से नवाजा।
जबकि कार्यक्रम का संचालन दिलीप यशवर्धन ने किया। सभी अतिथियों को शाल पहनाकर व मोमेंटो देकर संस्था की अध्यक्ष डा. ज्योति श्रीवास्तव ने स्वागत किया।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा