संघटक राजकीय महाविद्यालयों के शिक्षक-कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग

 


लखनऊ, 20 सितंबर (हि.स.)। संघटक राजकीय महाविद्यालय शिक्षक एवं कर्मचारी संगठन के प्रथम अधिवेशन में प्रदेश के संघटक राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के नियमितीकरण समेत चार प्रमुख मांगें उठाई गईं। रविवार को जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित अधिवेशन में कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और वेतनमान से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

अधिवेशन में संगठन ने मांग की कि महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया जाए। इसके साथ ही उन्हें अन्य राजकीय महाविद्यालयों के कर्मचारियों के समान वेतनमान और सेवा सुरक्षा प्रदान करने तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के 2020 के विनियमों को लागू करने की मांग की गई।

संगठन ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता के लिए समय निर्धारित करने की भी मांग रखी, ताकि कर्मचारियों की समस्याओं और उनके समाधान पर सरकार के साथ विचार-विमर्श किया जा सके।

संगठन के महासचिव डॉ. विकास बाजपेयी ने कहा कि संघटक राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को यूजीसी के 2020 के विनियमों के अनुरूप वेतनमान दिलाना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सरकार से उम्मीद है कि वह कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

अधिवेशन में संगठन के अध्यक्ष डॉ. बालक राम राजवंशी, उपाध्यक्ष डॉ. रेखा बंसल, डॉ. अमित शुक्ला, डॉ. आनंद बिहारी सिंह, डॉ. धर्मेंद्र भाटी, डॉ. शीलेन्द्र कुमार, डॉ. सुजीत पायला, डॉ. प्रिया सिंह, डॉ. अरुण कुमार चौबे, डॉ. शैली चौहान और डॉ. अमित कुमार मिश्रा समेत सैकड़ों शिक्षक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा