मीरजापुर विश्वविद्यालय में अब होगी कानून की पढ़ाई, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने दी मंजूरी

 


मीरजापुर, 29 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को विधि (लॉ) पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति मिल गई है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने विश्वविद्यालय को विधि शिक्षा शुरू करने के लिए मान्यता प्रदान कर दी है। इससे मीरजापुर और सोनभद्र समेत आसपास के विद्यार्थियों के लिए कानून की पढ़ाई का रास्ता अब स्थानीय स्तर पर खुल गया है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव राम नारायण के अनुसार, बीसीआई की ओर से चार जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से यह स्वीकृति प्रदान की गई है। विधि शिक्षा स्थायी समिति ने विश्वविद्यालय के निरीक्षण, उपलब्ध अभिलेखों और शैक्षणिक मानकों का परीक्षण करने के बाद मान्यता देने की संस्तुति की।

बीसीआई की मंजूरी के बाद विश्वविद्यालय में विधि शिक्षा का नया अध्याय शुरू होगा। अब कानून की पढ़ाई करने के इच्छुक विद्यार्थियों को इसके लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खासकर मीरजापुर और सोनभद्र के साथ पूरे विंध्य क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक मान्यता अधिवक्ता अधिनियम-1961 की धारा 7(1)(i) और विधि शिक्षा नियम-2008 के प्रावधानों के तहत दी गई है। बीसीआई ने विश्वविद्यालय को निर्धारित शैक्षणिक मानकों और अन्य शर्तों का निरंतर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छह माह के भीतर आवश्यक शपथ पत्र एवं संबंधित अभिलेख परिषद को उपलब्ध कराने को कहा गया है।

विश्वविद्यालय में विधि पाठ्यक्रम शुरू होने से क्षेत्र में कानून शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के लिए नए शैक्षणिक और करियर अवसर भी खुलेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा