वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट से घाट जाना हुआ प्रभावित

 


वाराणसी, 10 अगस्त(हि.स.)। सावन के द्वितीय सोमवार को वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन पूजन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का गंगा घाटों पर पहुंचकर काशी नगरी का आनंद लेने पहुंचे। लेकिन गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण एक घाट से दूसरे घाट जाने का पैदल संपर्क अवरुद्ध (पानी में डूबे) होने से श्रद्धालुओं का पर्यटन पूरी तरह से प्रभावित दिखा। श्रद्धालु केवल घाट किनारों से गंगा की लहरों का लुत्फ लेकर और पवित्र गंगा जल की भर कर ही वापस हो गए। वहीं कुछ श्रद्धालु कठिनाइयों के साथ जल से भरे घाटों (घुटने तक भरे पानी) पर जोखिम के बीच घूमते दिखे।

बिहार के रोहतास जिले से आए श्रद्धालु आलोक पांडेय और उनके परिजन ने बताया कि वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद वे सभी घाटों पर घूमने आए थे लेकिन गंगा नदी का जल ऊपर की सीढ़िया तक आ जाने के कारण वे सिर्फ जल भरकर वापस जा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने गंगा मैया की आरती कर दीपक जलाकर प्रार्थना की। लेकिन उनके मन में घाटों को घूमने की जिज्ञासा अधूरी ही रहे गई।

चंदौली जनपद से आए मयंक और उनके साथियों ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर बढ़ने से कई घाटों का संपर्क टूट गया है। फिर भी वे घाटों पर घूमते हुए मौसम का आनंद ले रहे हैं। अभी भभुआ पाण्डेय घाट से घूमते हुए वे अहिल्याबाई घाट और शीतला घाट तक पहुंचे हैं। इसके बाद गौदोलिया होते हुए घर को वापस जाएंगे। बढ़े जलस्तर के बीच घूमने से उनके कपड़े गीले और गंदे हो गए हैं। जेब में रखे कुछ कागज और रुपये भी खराब हो गए हैं।

काशी के घाटों पर गंगा का जलस्तर बढ़ने से जल पुलिस के जवानों ने सोमवार को श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न घाटों पर सावधानी रखते हुए निगरानी रखी। उन्होंने कहा कि घाटों पर नदी के जल में घूम रहे लोगों को खतरा मोल ना लेने के लिए सावधान किया जा रहा है। फिर भी लोगों का नदी के जल में घूमना फिरना और घाट पार कर जोखिम उठा रहे हैं। हम अपनी तरफ से उन्हें लगातार चेतावनी दे रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद