श्रद्धाभाव के साथ वाराणसी पहुँचे हजारों कावड़ियां, सेवा शिविरों में किया विश्राम

 


वाराणसी, 02 अगस्त (हि. स.)। देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में सावन के प्रथम सोमवार से पहले ही रविवार को हजारों कावड़ियों का शहरी क्षेत्र में पहुंचना शुरु हो गया। शहरी क्षेत्र में पहुंचे कांवड़ियों ने विभिन्न सेवा शिविरों में अपना स्थान ग्रहण कर लिया है और देर रात से गंगा घाट से जल लेकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में अपना समर्पण व श्रद्धा भाव अर्पित करने के लिए पंक्तिबद्ध हो जाएंगे।

गाजीपुर से आए कावड़ियों का एक समूह में वाराणसी के कचहरी क्षेत्र में डेरा डाला हुआ है। कावड़ियों में जबरदस्त उत्साह है और वे गंगाजल से काशी विश्वनाथ महादेव को जल चढ़ा करके ही वापस जाएंगे। कावड़ियों संजय और श्याम ने बताया कि उनकी टोली पैदल चलकर बाबा भोलेनाथ के नगरी में आ गई है। यहां एक सेवा शिविर में विश्राम कर रही है और शाम के बाद विश्वनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान कर जाएगी। विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ को जल समर्पित करने के बाद वे लोग लौटते समय मार्कण्डेय बाबा को भी जल चढ़ा कर वापस होंगे।

कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर लगाने वाले संजय सिंह ने बताया कि परंपरागत कावड़ियां यात्रा में शामिल होने वाले भाई बंधुओं के लिए उन्होंने सेवा शिविर लगाया है। सेवा शिविर में जल और अल्पाहार की व्यवस्था कराई गई है। जिससे कांवड़िये अपनी थकान और प्यास मिटाकर आगे की यात्रा कर सके।

वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के निकट मैदागिन मार्ग और गौदौलिया मार्ग पर कावड़ियों के बड़ी संख्या में पहुंच जाने के बाद से वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस के पुलिस कर्मियों ने उन्हें सहज मार्ग उपलब्ध कराने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया, जहां वह विश्राम कर सके।

कावड़ यात्रा में शामिल लोगों के बोल बम बोल बम से वाराणसी शहर और विशेष रूप से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग गुंजामन हो उठा है। जिससे स्थानीय व्यापारियों में भी उत्साह का माहौल बन गया है। व्यापारी संगठन भी कई जगहों पर स्टाल लगाकर कावड़ियों का स्वागत कर रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद