नगर निगम में पक्ष-विपक्ष एक मंच पर, विकास कार्यों में लापरवाही के खिलाफ पार्षदों का संयुक्त धरना

 


कानपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। जनता की समस्याओं का समाधान और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना कानपुर नगर निगम की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारियों की लापरवाही और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी बंद नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

यह बातें शनिवार को कानपुर नगर निगम के जोन-01 कार्यालय में आयोजित संयुक्त धरने के दौरान विभिन्न दलों के पार्षदों ने कहीं। नगर निगम के जोन-01 कार्यालय में आज जनता की समस्याओं और विकास कार्यों में हो रही देरी के विरोध में कांग्रेस, भाजपा, समाजवादी पार्टी और निर्दलीय पार्षद एक मंच पर नजर आए। सभी पार्षदों ने संयुक्त रूप से धरना देकर मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा और जोन-01 के अधिशासी अभियंता आलोक श्रीवास्तव पर विकास कार्यों में लापरवाही, फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने, जनहित के कार्यों की उपेक्षा तथा जनप्रतिनिधियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

पार्षदों का कहना था कि कई बार शिकायत और अनुरोध के बावजूद क्षेत्रीय विकास कार्यों में लगातार देरी की जा रही है। छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए भी जनता और जनप्रतिनिधियों को नगर निगम के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि फाइलों के निस्तारण, टेंडर प्रक्रिया और विकास कार्यों को बिना वजह लंबित रखा जा रहा है, जिससे विभिन्न वार्डों के जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

धरने को समर्थन देने पहुंचे आर्यनगर विधायक अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि यदि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात अधिकारी नहीं सुनेंगे तो विकास कार्य प्रभावित होंगे और इसका सीधा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ेगा। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने की मांग की।

धरने में कांग्रेस के हाजी सोहेल अहमद और शिबू अंसारी, भाजपा के आकर्ष बाजपेई, अमित गुप्ता, आदर्श गुप्ता एवं दीपिका शर्मा, समाजवादी पार्टी के रजत बाजपेई, फैजान रहमान, मोहम्मद सारिया, अकील शानू, मेराज, लियाकत अली, अनवर अली तथा निर्दलीय पार्षद शिवम दीक्षित सहित विभिन्न दलों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संयुक्त रूप से पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी समाप्त नहीं हुई तो जनहित में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप