कानपुर मेट्रो ने रचा कीर्तिमान : अब तक एक करोड़ यात्रियों ने किया सफर

 




कानपुर, 01 जनवरी (हि.स.)। नववर्ष के पहले ही दिन कानपुर मेट्रो ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए यात्री सेवा आरंभ होने से (28 दिसंबर, 2021) अब तक एक करोड़ यात्रियों का आंकड़ा पार कर लिया। नए साल के स्वागत के अवसर पर बड़ी संख्या में शहरवासियों ने मेट्रो से यात्रा कर इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया। जहां एक ओर शहर की अधिकांश सड़कों पर यातायात का दबाव और जाम देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर मेट्रो यात्रियों के लिए सफर आरामदायक, सुगम और समयबद्ध बना रहा। यह बातें गुरुवार को यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कही।

नए साल में कानपुर मेट्रो की यात्री सेवाओं का विस्तार नौबस्ता तक हो जाने और कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) के आरंभ हो जाने के बाद यात्रियों की संख्या में और भी वृद्धि होगी। हम कानपुर मेट्रो के प्रति शहरवासियों के निरंतर विश्वास के लिए उनके आभारी हैं।

नववर्ष के अवसर पर मेट्रो स्टेशन दिन भर यात्रियों के लिए हॉट स्पॉट बने रहे। मोतीझील, बड़ा चौराहा एवं कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर आयोजित पुस्तक मेलों में भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। देर शाम तक यात्रियों का आवागमन जारी रहा और राजस्व परिचालन समाप्त होने तक (रात्रि 10 बजे) मेट्रो की राइडरशिप लगभग हजार तक पहुंचने की संभावना है।

सुशील कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 30 मई 2025 को नयागंज स्टेशन से अंडरग्राउंड मेट्रो को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद, दूसरे चरण के विस्तार के साथ मेट्रो स्टेशनों की संख्या नौ से बढ़कर 14 हो गई है। कानपुर सेंट्रल तक कनेक्टिविटी और पांच नए स्टेशनों के जुड़ने से कानपुर मेट्रो शहर की जीवनरेखा के रूप में तेजी से स्थापित हो रही है।

आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक जहां पहले सवा घंटे से अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी मात्र 27 मिनट में तय की जा रही है। ट्रैफिक जाम से राहत, वातानुकूलित आरामदायक यात्रा और किफायती किराया - इन सभी कारणों से मेट्रो शहरवासियों की पहली पसंद बनती जा रही है।

कानपुर मेट्रो ने केवल यात्रा को ही नहीं, बल्कि शहर को एक नई यात्रा संस्कृति से भी जोड़ा है। ईज़ ऑफ ट्रैवल और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के प्रयासों से यात्रियों को उल्लेखनीय लाभ मिला है। विभिन्न स्टेशनों पर 20 से अधिक आउटलेट्स यात्रियों को खानपान और खरीदारी की सुविधा प्रदान कर रहे हैं। पुस्तक पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्टेशनों पर पुस्तक मेले आयोजित किए जा रहे हैं।

कानपुर मेट्रो न केवल सुरक्षित और समयबद्ध यात्रा के लिए जानी जाती है, बल्कि यात्रियों के खोए हुए सामान को उनके वास्तविक मालिकों तक सुरक्षित पहुंचाने में भी निरंतर सराहनीय कार्य कर रही है। केवल वर्ष 2025 में अब तक मेट्रो स्टाफ द्वारा 11,960 रुपये नकद, सात लैपटॉप, 40 मोबाइल फोन एवं 156 अन्य वस्तुएं यात्रियों को लौटाई जा चुकी हैं। इसके साथ ही मेट्रो कर्मियों की सतर्कता से यात्रा के दौरान परिजनों से बिछड़े पांच बच्चों को भी सुरक्षित उनके परिवारों से मिलाया गया।

इसके अलावा शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली कानपुर मेट्रो के सभी स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा सर्वोच्च ‘प्लैटिनम रेटिंग’ प्रदान की गई है। स्टेशनों पर 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ट्रेनों और लिफ्टों में रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक, कार्बन डाइऑक्साइड सेंसर आधारित एचवीएसी प्रणाली जैसे प्रावधानों से ऊर्जा संरक्षण सुनिश्चित किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप