मीरजापुरः ककरद को लिटिगेशन फ्री गांव बनाने का संकल्प
- विधिक जागरूकता शिविर में मुकदमे से पहले सुलह-समझौते से विवाद सुलझाने पर जोर
मीरजापुर, 17 सितंबर (हि.स.)। मड़िहान तहसील के ककरद गांव में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता और विवादों को अदालत जाने से पहले सुलझाने के तरीकों की जानकारी दी गई।
शिविर का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनुपम कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवाद अगर समय रहते बातचीत से सुलझ जाएं तो मामला अदालत तक पहुंचने से बच सकता है। सुलह और मध्यस्थता से विवाद निपटने पर समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
प्राधिकरण के सचिव आनंद कुमार ने कहा कि किसी भी विवाद को मुकदमे का रूप लेने से पहले ही सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से सुलह, मध्यस्थता और अन्य वैकल्पिक तरीकों से विवाद निपटाने की सुविधा उपलब्ध है। आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र लोगों को मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता भी दी जाती है।
शिविर में ग्रामीणों को घरेलू विवाद, जमीन-जायदाद, वैवाहिक मामलों और मजदूरों से जुड़े कानूनी मामलों में मिलने वाली मदद की जानकारी दी गई। तहसीलदार मड़िहान, सीडीपीओ और एडीओ पंचायत ने भी अपने विभागों की योजनाओं के बारे में बताया। पैरा लीगल वालंटियर्स ने ग्रामीणों को कानूनी सेवाओं की जानकारी दी।
इस दौरान जनपद न्यायाधीश ने ककरद गांव को ‘लिटिगेशन फ्री ग्राम’ बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और संबंधित विभागों से मिलकर विवादों को शुरुआती स्तर पर ही सुलझाने में सहयोग करने की अपील की।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा