जौनपुर में होटल में छापे में पकडे़ गये युवक युवतियां छोडे़ गये, कार्रवाई पर उठे कई सवाल
जौनपुर,11 मई (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में मछलीशहर तहसील अंतर्गत कस्बे से सटे खजुरहट गांव स्थित हाईवे किनारे एक होटल में रविवार को राजस्व प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी के बाद अधिकारियाें में समन्वय की कमी और युवक युवतियाें काे छाेड़े जाने के कारणाें की चर्चा तेज हाे गयी है। संबंधित अधिकारियाें ने छापेमारी के समय 10 युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का दावा किया था, लेकिन घंटों चली कार्रवाई के बाद पकड़े गये सभी युवक युवतियाें काे क्लीन चिट देने से इस कार्यवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने इस होटल में छापा मारा। कार्रवाई के बाद युवक-युवतियों को सीधे तहसील लाया गया, जहां घंटों पूछताछ की गई। बाद में युवतियों को कोतवाली भेजा गया, जबकि युवकों को भी पूछताछ के बाद पुलिस के सुपुर्द किया गया। हालांकि देर शाम सभी को छोड़ दिया गया। इस मामले में सोमवार को क्षेत्राधिकारी प्रतिमा वर्मा ने कहा कि पुलिस को इस छापेमारी की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि जब मौके पर भीड़ बढ़ने लगी, तब पुलिस को बुलाया गया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा पहली बार देखने को मिला जब पकड़े गए लोगों को पहले तहसील लाया गया और बाद में कोतवाली भेजा गया।
इस मामले में पूछे जाने पर नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव यह स्पष्ट नहीं कर सके कि होटल का आगंतुक रजिस्टर सील किया गया या नहीं तथा पकड़ी गई लड़कियों में कोई नाबालिग थी या नहीं। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कुछ लड़कियां नाबालिग प्रतीत हो रही थी। सवाल यह है कि हाेटल से पकड़ कर तहसील तक लाने के बाद क्याें और किसके दबाव में छाेड़ा गया। इतना ही नहीं पुलिस के संज्ञान और सहयाेग के बिना कार्यवाही करना इतना जरूरी क्याें और कैसे हाे गया। हालांकि इन सवालाें के जवाब संबंधित अधिकारी चुप हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव