सात करोड़ की लागत से संवर रहा मीरजापुर का जरगो जलाशय, पिचिंग के साथ बनेंगे पांच वॉच टॉवर
मीरजापुर, 23 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के अहरौरा क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक जरगो जलाशय का सात करोड़ रुपये की लागत से कायाकल्प किया जा रहा है। सिंचाई विभाग बांध की सुरक्षा और मजबूती बढ़ाने के लिए क्षतिग्रस्त पिचिंग को बदलने के साथ टॉप लेवल तक नई पत्थर पिचिंग का कार्य करा रहा है। इसके अलावा लगभग छह किलोमीटर लंबे बांध की निगरानी के लिए पांच वॉच टॉवर भी बनाए जाएंगे।
जरगो जलाशय का निर्माण प्रथम पंचवर्षीय योजना के तहत वर्ष 1956 से 1958 के बीच सात नदियों और 27 नालों को बांधकर कराया गया था। उस समय इस परियोजना पर एक करोड़ 21 लाख 36 हजार 700 रुपये खर्च हुए थे। जलाशय बनने से क्षेत्र की हजारों एकड़ भूमि सिंचित होने लगी और किसानों को बड़ी राहत मिली।
सिंचाई विभाग के जेई अजीत कुमार सिंह ने बताया कि कई स्थानों पर बांध की पिचिंग धंस गई थी। पहले वहां मिट्टी भराई की जा रही है, उसके बाद क्षतिग्रस्त पत्थरों को हटाकर नई पिचिंग टॉप लेवल तक लगाई जा रही है। इससे बरसात के दौरान मिट्टी का कटाव रुकेगा और बांध अधिक सुरक्षित होगा। उन्होंने बताया कि बांध की निगरानी के लिए पांच वॉच टॉवर भी बनाए जाएंगे। किसान नेता हरिशंकर सिंह ने कहा कि लंबे समय से बांध की मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई पिचिंग से बांध को मजबूती मिलेगी और भविष्य में कटाव की समस्या काफी हद तक समाप्त होगी।
एक नजर में जरगो जलाशय
निर्माण अवधि : 1956-1958
निर्माण लागत : 1.21 करोड़
जलागम क्षेत्र : 155 वर्ग मील
झील क्षेत्र : 12 वर्ग मील
बांध की ऊंचाई : 100 फीट
कुल फाटक : 12
सिंचित कृषि भूमि : 1.28 लाख एकड़
नहरों की कुल लंबाई : 153 मील
वर्तमान जलस्तर : 314.09 फीट (जलधारण क्षमता 322 फीट)
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा