विश्वास का मंच बनी जन चौपाल, जिलाधिकारी ने सुनी समस्याएं

 


फिरोजाबाद, 01 अगस्त (हि.स.)। जिला प्रशासन और आम नागरिकों के बीच की दूरी को समाप्त करने तथा शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में शनिवार को एक जन चौपाल का आयोजन ग्राम पंचायत बसई (टूण्डला) में उत्साहजनक वातावरण में सम्पन्न हुआ।

इस जन चौपाल की सबसे खास बात यह रही की इसमें समाज का हर वर्ग खुलकर भागीदार बना, चौपाल में किसान, युवा, मजदूर, विद्यार्थी, बच्चे और बुर्जुग सभी वर्गाें के लोग बडी संख्या में सम्मिलित हुए। नागरिकों ने बिना किसी झिझक के सीधे जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के सामने अपनी-अपनी समस्याऐं, अपनी इच्छाऐं और सुझाव खुलकर रखें। जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य और जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में अत्यंत आत्मीयता और संवेदनशीलता के साथ प्रत्येक वर्ग की बात सुनी।

जिलाधिकारी ने बुजुगों एवं किसानों की पेंशन, भूमि व कृषि से जुड़ी समस्याओं को सुनकर तुरंत सम्बन्धित अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए, युवाओं और विद्यार्थियों से उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारें में वार्तालाप कर हर सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया, साथ ही उनको प्रेरित करते हुए कहा कि अपने परिश्रम पर पूरा भरोसा रखें, निश्चित ही आप अपने द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को अवश्य पूरा करेंगे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का निरंतर प्रयास है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से हर नागरिकों की आवाज सुनी जाए और उन्हे किसी भी कार्य के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पडे़। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि जन चौपाल अब केवल एक प्रशासनिक बैठक न रहकर जन आन्दोलन और विश्वास का मंच बन चुकी है। जहां किसान, युवा, मजदूर, विद्याथी व बच्चे सीधे अधिकारियों से सम्वाद् कर रहे है, वहीं उनकी समस्याओं का समाधान अधिकारियों द्वारा त्वरित कर जनता और प्रशासन के बीच के रिश्ते को एक नई मजबूती और दिशा दी जा रही है।

इस अवसर पर सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं के बारें में विस्तार से बताया।

जिलाधिकारी ने सभी किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसान ज्यादा से ज्यादा जैविक खादों का प्रयोग करें, सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अवश्य बननी चाहिए, लेखपाल और पंचायत सचिव जन सुनवाई हेतु निरंतर ग्राम पंचायत सचिवालय में बैठे।

हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़