संघर्षों से निकलीं आईपीएस पूनम बनीं मीरजापुर की नई डीआईजी

 


मीरजापुर, 06 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया प्रशासनिक फेरबदल में मीरजापुर रेंज को नई पुलिस नेतृत्वकर्ता मिल गई हैं। वर्ष 2010 बैच की आईपीएस अधिकारी पूनम को मीरजापुर रेंज का नया पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नियुक्त किया गया है। उनकी तैनाती सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और सफलता की प्रेरक कहानी भी अपने साथ लेकर आई है।

हरियाणा के सोनीपत की रहने वाली पूनम ने जीवन की कठिन चुनौतियों को बेहद करीब से देखा है। महज 11 वर्ष की आयु में पिता महावीर सिंह के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारियां अचानक उनके कंधों पर आ गईं। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। पढ़ाई जारी रखी, एम.कॉम (कॉस्ट अकाउंटिंग) की डिग्री हासिल की और फिर कठिन परिश्रम के बल पर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित होकर सफलता की नई इबारत लिखी।

पुलिस विभाग में पूनम की पहचान एक सख्त, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी के रूप में रही है। उन्होंने गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर में एएसपी, जबकि अमेठी, अमरोहा, बागपत और लखीमपुर खीरी में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया। महिलाओं की सुरक्षा, अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और पुलिसिंग में पारदर्शिता को लेकर उनके कार्यों की व्यापक सराहना हुई।

पीटीएस मेरठ में डीआईजी एवं प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत रहने के दौरान भी उन्होंने प्रशिक्षण व्यवस्था को नई दिशा दी। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें डीजी कमेंडेशन डिस्क (सिल्वर एवं गोल्ड) सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।

मीरजापुर रेंज में उनकी तैनाती को कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, अपराध नियंत्रण को प्रभावी करने तथा जनता और पुलिस के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब क्षेत्र की निगाहें उस अधिकारी पर टिकी हैं, जिसने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर पुलिस सेवा में विशिष्ट पहचान बनाई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा