उप्र राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 के दूसरे दिन 180 वक्ताओं ने रखे विचार

 






माय भारत संग युवाओं ने दिया राष्ट्र चिंतन को स्वर, युवा संसद में दिखा अमृत काल का भारत

75 जनपद, 375 प्रतिभागी: केन्द्रीय बजट 2026 पर विचार प्रस्तुत कर रही प्रदेश की युवा शक्ति

अतिथि विधायक धनौरा राजीव तरारा ने जनपद अमरोहा के युवाओं के साथ किया संवाद

लखनऊ, 02 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ऐतिहासिक विधान सभा के मुख्य मंडप में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 के दूसरे दिन शनिवार को 180 युवा वक्ताओं ने अपने विचार प्रस्तुत किए। यह आयोजन मेरा युवा भारत, उत्तर प्रदेश (युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद) के अंतर्गत किया जा रहा है। यह पहल पूरे देश में प्रत्येक राज्य की विधानसभाओं में आयोजित की जा रही है। साथ ही, मेरा युवा भारत, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देश के विभिन्न ब्लॉक, गांव एवं जिलों में भी इस प्रकार के आयोजन प्रधानमंत्री के आह्वान पर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने का व्यापक प्रयास किया जा रहा है।

प्रत्येक वक्ता को निर्धारित 3 मिनट में अपनी बात रखनी थी, लेकिन इन 3 मिनटों में जो गहराई, दृष्टि और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई दी, उसने पूरे विधानमंडप को बार-बार तालियों से गुंजायमान कर दिया। प्रदेशभर के जनपदों में माय भारत द्वारा आयोजित जिला स्तरीय युवा संसद में उत्कृष्ट प्रदर्शन के उपरांत राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद में ये चयनित युवाओं ने माय भारत संग जुड़कर “विकसित भारत” के संकल्प को स्वर दिया।

राज्य निदेशक गोपेश पांडेय की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि दूसरे दिन की विशेषता यह रही कि युवाओं के विचारों में और अधिक गहराई, तथ्यात्मक मजबूती और समाधान आधारित दृष्टिकोण देखने को मिला। जहां पहले दिन विचारों की प्रस्तुति प्रमुख थी, वहीं दूसरे दिन उन विचारों को नीति, क्रियान्वयन और प्रभाव के स्तर पर जोड़ने का प्रयास स्पष्ट दिखाई दिया। माय भारत द्वारा राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 के लिए निर्धारित विषय-“केंद्रीय बजट 2026: विकसित भारत 2047 की ओर युवाओं के मार्ग को सुदृढ़ बनाना”-पर युवाओं ने रोजगार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, हरित अर्थव्यवस्था और स्किल डेवलपमेंट जैसे विभिन्न आयामों को जोड़ते हुए अपने विचार प्रस्तुत किए।

प्रतिभागियों ने अपने विचारों में इस बात को प्रमुखता से रखा कि इस बजट की आधारशिला माय भारत द्वारा आयोजित विकसित भारत युवा नेता संवाद (Viksit Bharat Young Leaders Dialogue) 2026 के दौरान रखी गई, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से सीधे संवाद कर उनके सुझावों को सुना। युवा वक्ताओं ने बताया कि स्वास्थ्य, उद्यमिता, स्वच्छता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में युवाओं के दृष्टिकोण को बजट में स्थान दिया गया है। इस संदर्भ में प्रतिभागियों ने केंद्रीय बजट को केवल आर्थिक दस्तावेज न मानते हुए इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में युवाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने वाला माध्यम बताया।

कई वक्ताओं ने यह बताया कि केंद्रीय बजट केवल एक आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का रोडमैप है जो युवाओं को अवसर देने के साथ-साथ उन्हें विकसित राष्ट्र गढ़ने की जिम्मेदारी भी सौंपता है। युवाओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब विकास समावेशी, संतुलित और सतत होगा। “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य और अमृत काल की परिकल्पना के अनुरूप राज्य स्तरीय विकसित भारत युवा संसद 2026 का आयोजन युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है। इसमें युवाओं को केवल श्रोता नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागी के रूप में मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे देश की नीतियों और विकास की दिशा में अपनी भूमिका को समझ सकें।

कार्यक्रम का समापन 3 मई 2026 को होगा, जिसमें चयनित तीन श्रेष्ठ प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर पर संसद भवन, नई दिल्ली में आयोजित युवा संसद में अपने विचार प्रस्तुत करेंगे, जो उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

प्रदेश के 75 जनपदों से चयनित होकर आए होनहार युवाओं ने भी अपने विचारों और तर्कों से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति में गांव की जमीनी समझ, राष्ट्रीय दृष्टिकोण और वैश्विक सोच का अनूठा संगम देखने को मिला। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं ने जब मंच संभाला, तो उनके शब्दों में अनुभव, संवेदना और प्रतिबद्धता का संगम दिखाई दिया। यह आयोजन “विकसित भारत” के उस रोडमैप की झलक बनकर सामने आया, जिसमें गांव, जिला, प्रदेश और राष्ट्र-चारों स्तर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर भाषण के बाद गूंजती तालियां यह बताने के लिए पर्याप्त थीं कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विचारों का उत्सव है। यहां कोई हार-जीत नहीं, बल्कि सीखने, समझने और आगे बढ़ने की भावना प्रमुख थी। प्रतिभागियों ने एक-दूसरे के विचारों को गंभीरता से सुना और नए दृष्टिकोणों को आत्मसात किया।

इस आयोजन का एक भावनात्मक पहलू यह भी रहा कि अधिकांश प्रतिभागी पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे हैं। विधानसभा में प्रवेश करते ही उनके चेहरे पर उत्साह, जिज्ञासा और गर्व का मिश्रण साफ नजर आया। कई युवाओं ने इसे अपने जीवन का “टर्निंग पॉइंट अनुभव” बताया, जहां उन्होंने केवल सुना नहीं, बल्कि लोकतंत्र को जिया। कार्यक्रम का प्रतिदिन उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारण किया जा रहा है, जिसे प्रदेशभर से हजारों लोग देख रहे हैं।

निर्णायक मंडल के रूप में विधायक शशांक वर्मा, विधायिका डॉ. सुरभि एवं डॉ. नीरज बोरा ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करते हुए संसदीय प्रक्रिया, तर्क प्रस्तुति और नेतृत्व कौशल के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस पहल के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं की गहराई को समझने, नीति निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज कराने और अपने नेतृत्व कौशल को निखारने का अवसर मिल रहा है। वहीं कार्यक्रम का संचालन अनन्या तिवारी एवं मृणाली दीक्षित ने किया।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी युवाओं की इस ऊर्जा और प्रतिबद्धता की सराहना की। इस अवसर पर माय भारत उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक अनिल कुमार सिंह, उप निदेशक विकास कुमार सिंह, उपनिदेशक सोनिका चंद्रा, जिला युवा अधिकारी राम गोपाल सिंह चौहान, जिला युवा अधिकारी संजीव सिंह, जिला युवा अधिकारी रश्मि शबनम गुप्ता, जिला युवा अधिकारी सीमा पांडेय; सहायक निदेशक रवि दत्त, सहायक निदेशक कुमारी दिव्या, लेखा एवं कार्यक्रम सहायक विशाल सिंह एवं योगेश कुमार उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा