मीरजापुर: वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सप्तसागर में हुआ गणपति प्रतिमा का विसर्जन

 




मीरजापुर, 18 सितंबर (हि.स.)। गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के बीच श्री विनायक सेवा समिति विंध्याचल के तीन दिवसीय गणेश चतुर्थी महोत्सव का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे के साथ विसर्जन जुलूस निकाला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान गणेश की प्रतिमा को सप्तसागर में विसर्जित किया गया। इस दौरान श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए गणपति के जयकारे लगाते रहे।

विसर्जन से पहले विंध्याचल रेलवे स्टेशन मार्ग स्थित आयोजन स्थल पर श्री सिद्धिविनायक का फूलों और दूर्वा से भव्य श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की। तीन दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन देर रात तक भक्ति संगीत का दौर चला। कलाकारों ने भजनों और गीतों की प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबोए रखा।

विंध्याचल के कलाकार जय चौरसिया ने ‘देवा हो देवा गणपति देवा, तुमसे बढ़कर कौन...’ प्रस्तुत कर गणेश वंदना की। गायिका कृति सिंह, राजा तिवारी, संतोष कुमार, गायिका गायत्री और अर्पित कुमार ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं। शुक्ला परिवार की नन्हीं बच्चियों ने भाव नृत्य से गणेश वंदना की। भगवान शिव, हनुमान और राधा-कृष्ण की झांकियों ने भी श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

समापन अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन में समिति के शिशिर मिश्रा, प्रमोद सिंह उर्फ पप्पू, दीपू गुप्ता, संजय सरोज, अमन शुक्ला, मुन्ना प्रजापति, विक्की प्रजापति और तूफानी सरोज का योगदान रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा