औरैया : कचरे के गड्ढे में विसर्जन की व्यवस्था से भड़के श्रद्धालु, सड़क पर दिया धरना

 




- यमुना किनारे स्वच्छ जल की व्यवस्था कराने की मांग

-कूड़े और पॉलीथिन से पटे गड्ढे में नाले जैसा पानी भरा होने का आरोप

औरैया, 20 अक्टूबर (हि . स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में नौ दिन तक श्रद्धा और भक्ति के साथ माता रानी की पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं का गुस्सा मंगलवार को मूर्ति विसर्जन स्थल की स्थिति देखकर फूट पड़ा। कूड़े और पॉलीथिन से पटे गड्ढे में गंदा पानी भरा देखकर श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं के विसर्जन से इनकार कर दिया। विरोध में महिला और पुरुष श्रद्धालु सड़क किनारे धरने पर बैठ गए। मूर्तियों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी होने से मौके पर हलचल बढ़ गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन श्रद्धालु स्वच्छ व्यवस्था की मांग पर अड़े रहे।

मामला नगर पालिका परिषद की ओर से तैयार कराए गए अस्थायी मूर्ति विसर्जन स्थल का है। श्रद्धालुओं का आरोप है कि जिस गड्ढे में विसर्जन की व्यवस्था की गई है, वहां पहले से कूड़ा और पॉलीथिन पड़ी थी। इसके बाद जेसीबी से खुदाई कर उसमें पानी भर दिया गया। पानी कहां से लाया गया, इसकी जानकारी भी स्पष्ट नहीं हो सकी। गड्ढे में फूल-मालाएं, पॉलीथिन और पूजा सामग्री दिखाई देने से श्रद्धालुओं में नाराजगी बढ़ गई।

नौ दिन पूजा के बाद गंदगी में कैसे करें विसर्जन

आर्य नगर निवासी सुनील कुमार ने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि नौ दिन तक विधि-विधान से पूजी गईं माता रानी की प्रतिमाओं को कचरे और गंदे पानी से भरे गड्ढे में विसर्जित करना स्वीकार नहीं है। उन्होंने यमुना नदी में विसर्जन की अनुमति देने अथवा यमुना किनारे स्वच्छ जल की वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की। श्रद्धालुओं का कहना था कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस कार्य में स्वच्छता और भावनाओं का सम्मान जरूरी है। जब तक उचित व्यवस्था नहीं होगी, वे विसर्जन नहीं करेंगे। पुलिसकर्मी मौके पर श्रद्धालुओं से बातचीत कर उन्हें समझाने में जुटे रहे। घटना ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था और विसर्जन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रद्धालु प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार