मानवता ही सबसे बड़ा धर्म, अहंकार त्यागकर सेवा करें : तुलसीदास

 


मीरजापुर, 04 अक्टूबर (हि.स.)। हलिया विकास खंड के औरा स्थित परमहंस आश्रम में रविवार को सत्संग समारोह आयोजित किया गया। इसमें तुलसीदास महाराज ने श्रद्धालुओं को गुरु के स्वरूप का ध्यान करने और राम व शिव नाम के जाप का महत्व बताया।

उन्होंने कहा कि गुरु का ध्यान मन को एकाग्र करने में सहायक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित नाम जाप और भक्ति के साथ जीवन में संयम अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भौतिक जीवन की आपाधापी के बीच अहंकार का त्याग कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाने से मन को शांति मिल सकती है।

पितृपक्ष पर चर्चा करते हुए तुलसीदास महाराज ने कहा कि यह पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। इस दौरान श्राद्ध, तर्पण और दान करने की परंपरा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूर्वजों के प्रति सम्मान और सेवा भाव बनाए रखने का संदेश दिया। सत्संग में आश्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा