सफलता की कहानी : 'संघर्ष से स्वावलंबन की ओर', हेमलता रावत बनी मिसाल

 


फिरोजाबाद, 31 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन शक्ति अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अब स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही है। जनपद के ब्लॉक टूंडला के ग्राम बसई की निवासी हेमलता रावत की जीवन यात्रा इसका एक प्रतिष्ठ और प्रेरणादायी उदाहरण है।

उच्च शिक्षित हेमलता रावत के जीवन में वर्ष 2022 में उस समय बड़ा संकट आया, जब उनके पति मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अचानक लापता हो गए, दो मासूम बेटियों के पालन-पोषण और पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी हेमलता के कंधों पर आ गई, इन विपरीत परिस्थितियों में उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए मजबूती से खड़ी रही 26 जनवरी 2020 में हेमलता राजकीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी और ‘‘जय बजरंगबली स्वयं सहायता समूह‘‘ की सदस्य बनी।

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि प्रशासनिक सहयोग और प्रशिक्षण भी प्राप्त हुआ, समूह से मात्र 20 हजार का ऋण लेकर उन्होंने 20 अक्टूबर 2021 को गांव में ही कॉस्मेटिक की एक छोटी दुकान खोली, इसके बाद उन्होंने आर0सेटी के माध्यम से ब्यूटी पार्लर का आधिकारिक कोर्स किया और अपनी दुकान का विस्तार कॉस्मेटिक और ब्यूटी पार्लर के रूप में किया।

हेमलता अपनी दुकान और समूह सखी के रूप में कार्य करते हुए आज हर महीने 15000 से 20000 रुपये तक की सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं, इससे वह अपनी दोनों बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर पा रही हैं, इतना ही नहीं हेमलता ने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूह से जोड़कर उनके जीवन में बदलाव पैदा किया, उनके प्रयास से समूह की आठ महिलाओं को बैंक सखी, बी0सी0-सखी जैसी विभिन्न रोजगार परक दायक प्राप्त हुए।

अपनी सफलता का श्रेय हेमलता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी के कुशल नेतृत्व को देती हैं, वह कहती है कि पहले सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व में योजनाएं धरातल पर पहुंच रही हैं, स्वयं सहायता समूह के माध्यम से हम जैसी महिलाओं को घर से निकलकर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।

जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और एनआरएलएम की टीम के सहयोग से आज मैं एक आत्मनिर्भर जीवन जी पा रही हूं।

हेमलता रावत का यह संघर्ष और सफलता का सफर आज जनपद की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है।

हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़