बद्रीनाथ के हेलीकॉप्टर हादसे से काशी के संत मर्माहत, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जताया शोक

 


—मृतकों के परिजनों के प्रति व्यक्त की संवेदना, हादसे की उच्चस्तरीय जांच और धाम की धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की उठाई मांग

वाराणसी, 31 अक्टूबर (हि.स.)। बद्रीनाथ धाम से फाटा लौट रहा हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट समेत छह लोगों की मौत की घटना से काशी के संत समाज में शोक की लहर है। हादसे में सभी मृतकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस हृदयविदारक घटना पर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

शनिवार को केदारघाट स्थित श्री विद्वामठ में ज्योतिर्मठ शंकराचार्य पीठ की ओर से दुर्घटना में जान गंवाने वालों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मठ में शंकराचार्य के प्रवक्ता संजय पांडेय ने बताया कि ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने भी इस हादसे पर शोक जताया है। अपने वीडियो संदेश में शंकराचार्य ने कहा कि इस भीषण त्रासदी से उनका मन अत्यंत व्यथित और विचलित है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

शंकराचार्य ने बद्रीनाथ धाम की प्राचीन परंपराओं, पवित्रता और धार्मिक मर्यादा को अक्षुण्ण बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि धाम परिसर और पवित्र यात्रा मार्ग पर डीजे बजाने, नाच-गाने तथा अन्य मनोरंजनात्मक कार्यक्रमों जैसी अनधिकृत गतिविधियां तीर्थस्थल की गरिमा के सर्वथा विपरीत हैं। देवभूमि की आध्यात्मिक प्रकृति और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना सभी का दायित्व है। इसलिए बद्रीनाथ धाम की मूल धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान को हर हाल में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।

उन्होंने उत्तराखंड सरकार और प्रशासन से हेलीकॉप्टर दुर्घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। शंकराचार्य ने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। इसके लिए तकनीकी खामी, मौसम संबंधी परिस्थितियों और व्यावसायिक दबाव सहित सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच होनी चाहिए।----------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी