सादाबाद : कजरौटी ग्राम पंचायत में दुकानें नहीं, अब बनेगा बारातघर
हाथरस, 17 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद हाथरस के सादाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत कजरौठी में सरकारी कचरा प्रबंधन केंद्र की जगह दुकानें बनाने का विवाद सोमवार को समाप्त हो गया। एक खुली बैठक में ग्रामीणों की सहमति से दुकान निर्माण का प्रस्ताव रद्द कर बरातघर बनाने का निर्णय लिया गया।
इससे पहले जिलाधिकारी अतुल वत्स के निर्देश पर 11 अगस्त को डीपीआरओ राकेश बाबू, वीडीओ सुरेश कुमार और एडीओ पंचायत रामकिशन ने आरआरसी सेंटर का निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने ग्रामीणों की आपत्तियां सुनी थीं। वर्ष 2023 में स्थापित इस केंद्र की दीवार तोड़कर दुकानें बनाने का ग्रामीणों ने विरोध किया था। ग्रामीणों का तर्क था कि यह केंद्र गांव में कूड़ा प्रबंधन के लिए उपयोगी है।
सोमवार दोपहर 12 बजे पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय कजरौठी के प्रांगण में खुली बैठक आयोजित की गई। इसमें ग्राम पंचायत कजरौठी के 12 गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने विकास कार्यों पर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में युवाओं की शिक्षा के लिए गांव मेंi लाइब्रेरी बनाने का सुझाव दिया। जिससे ग्राम पंचायत के बच्चे शहरों में जाकर पढ़ने की बजाय गांव में ही पढ़ें। एक अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दुकानें बनने से लाभ कुछ लोगों तक ही सीमित रहेगा, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग वंचित रह सकता है। सभी ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से बरातघर निर्माण का समर्थन किया। उनका कहना था कि गांव में शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है, इसलिए बरातघर की अत्यंत आवश्यकता है।
एडीओ पंचायत रामकिशन और सचिव शैलेंद्र सिंह ने ग्रामीणों के समक्ष दुकान निर्माण का प्रस्ताव रद्द कर बरातघर निर्माण का नया प्रस्ताव प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने इस पर हस्ताक्षर कर अपनी मंजूरी दी। एडीओ पंचायत रामकिशन ने बताया कि खुली बैठक में ग्रामीणों द्वारा दिए गए बरातघर निर्माण के प्रस्ताव को नियमानुसार पारित किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मदन मोहन राना