गुरु एवं गौमाता में सच्ची निष्ठा रखकर श्रीनाथ मिश्र को अर्पित करें सच्ची श्रद्धांजलि : ब्रह्रमचारी शंभू प्रेमानंद महाराज
वाराणसी, 04 अक्टूबर (हि. स.)। साकेत वासी मानस रत्न डॉ श्रीनाथ मिश्र का रवींद्रपुरी स्थित श्रीनाथ भक्ति संस्थान के सभागार में रविवार को काशी विद्वत परिषद न्यास के तत्वाधान में हीरक जयंती महोत्व के अवसर पर विद्वत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अखिल भारतीय स्तर के प्रमुख विद्वानों ने उपस्थित होकर मानस रत्न श्रद्धांजलि देते हुए अपना विचार व्यक्त किया। संगोष्ठी का उद्घाटन संभाषण करते हुए ब्रम्हचारी शंभू प्रेमानंद महाराज ने कहा कि गुरु एवं गौमाता में सच्ची निष्ठा रखकर हम श्रीनाथ मिश्र को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। इस समय धर्म एवं राष्ट्र संक्रमण काल से गुजर रहा है ऐसी परिस्थिति में हम सनातन धर्मावलंबी एकजुट होकर सुमति का आश्रय लेकर राष्ट्र एवं धर्म को संकट की परिस्थिति से बाहर निकाल सकते हैं।
संगोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए प्रो. कमलाकांत त्रिपाठी ने कहा कि जिसको संस्कृत शास्त्रों का ज्ञान नही है, उसे मानस का मर्म समझने में कठिनाई होगी। इसीलिए श्रीनाथ मिश्रा की मानस जगत के ही नही अपितु संस्कृत जगत के भी अतुलनीय विद्वान थे, उसको श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हम गौरवान्वित हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन व्यक्त करते हुए काशी विद्वत परिषद न्यास के अध्यक्ष परमेश्वर दत्त शुक्ल ने कहा कि व्यक्ति को जब कुछ यश की प्राप्ति होती है तो वे अहंकार से ग्रसित हो जाता है। किंतु जैसे भरत जी के भीतर लेस मात्र भी अहंकार नही, उसी प्रकार से हमारे गुरुदेव मानस रत्न श्रीनाथ के भीतर भी समस्त ज्ञान एवं ऐश्वर्य होने के बावजूद रंचमात्र भी श्रेष्ठता का अहंकार नही था।
संगोष्ठी के दौरान श्रीनाथ मिश्रा के सुपुत्र सुरेन्द्र नाथ मिश्रा एवं अन्य परिवार जनों का सम्मान कर अभिनंदन पत्र का वाचन श्रीश दत्त शुक्ल ने किया। संगोष्ठी व्यास एवं विद्वत मंडली में प्रमुख रूप से ब्रम्हचारी परमात्मानंद, डॉ गिरीश तिवारी, शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय, पुरन्दर व्यास, राघवेंद्र पाण्डेय, रामकृष्ण तिवारी, योगेश ब्रम्हचारी, कृष्ण कुमार खेमका, श्रीश दत्त शुक्ल, कवि जय प्रकाश शुक्ल, राकेश पाण्डेय व्यास, प्राचार्य लक्ष्मीनारायण दत्त शुक्ल सहित संस्कृत विद्यालयों के छात्रों सहित श्रीनाथ मिश्र के परिवार जनों सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद