राज्य कर विभाग एवं व्यापारियों के बीच समस्या संवाद कार्यक्रम संपन्न
लखनऊ, 04 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में व्यापार मंडल भवन लाटूश रोड में गुरुवार को राज्य कर विभाग की ओर से जीएसटी पंजीयन व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सरल बनाने के उद्देश्य से खंड-3, खंड-4, खंड-5 एवं खंड-7 के अधिकारियों ने व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी पंजीयन के लाभों एवं उसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस अवसर पर लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने व्यापारियों की समस्याओं को उठाते हुए कहा कि हाल ही में जीएसटी विभाग द्वारा ई-वे बिल निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) संबंधी लागू की गई नई व्यवस्था व्यापारियों के लिए व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने कहा कि ई-वे बिल की पहले से निर्धारित समय सीमा होती है और यदि परिवहन के दौरान किसी कारणवश उसकी वैधता समाप्त हो जाती है तो व्यापारियों को पुनः ई-वे बिल जनरेट करना पड़ता है, जिससे अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संवाद कार्यक्रम में उदय प्रताप सिंह (ज्वाइंट कमिश्नर, रेंज-ए, लखनऊ), राखी सिंह (उपायुक्त, खंड-4), अनिल कुमार (खंड-5), पूनम गुप्ता (खंड-6), प्रमोद विश्वकर्मा (खंड-3), असिस्टेंट कमिश्नर अनुपमा सिंह, राज्य कर अधिकारी संजय सिंह एवं रवि भूषण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं व्यापारियों के बीच विभिन्न कर संबंधी विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई तथा व्यापारिक हितों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग एवं समन्वय बनाए रखने पर बल दिया गया।
व्यापारियों की ओर से लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के अलावा सतीश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, अनिल वरमानी, पवन मनोचा, देवेंद्र गुप्ता, अनुराग मिश्र, जितेंद्र सिंह चौहान, सुहैल हैदर अल्वी, अरविंद पाठक, नितिन जैन, मनीष गुप्ता, कुश मिश्र सहित सैकड़ों व्यापारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा