जीएसटी में कर प्रणाली के सरलीकरण की मांग हुई मुखर, व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
औरैया, 04 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न संशोधनों की मांग तेज हो गई है। इस संबंध में व्यापारिक संगठनों ने कर प्रणाली को अधिक सरल, न्यायसंगत और व्यावहारिक बनाने की मांग करते हुए उप जिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों का कहना है कि नए बर्तनों पर 5 प्रतिशत जीएसटी जबकि पुराने बर्तनों पर 18 फीसदी जीएसटी दर लागू होना तर्कसंगत नहीं है। इस असमानता को समाप्त करते हुए पुराने बर्तनों पर भी 5 प्रतिशत कर निर्धारित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, ई-वे बिल और टैक्स जमा होने के बावजूद मामूली कागजी त्रुटियों पर वाहनों को रोककर भारी जुर्माना वसूलने की कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई गई। व्यापारियों ने मांग की कि सचल दल की ओर से बाजारों और गोदामों में जांच के बजाए केवल हाईवे पर चेकिंग की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि छोटे और ग्रामीण व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सके।
उन्होंने जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने, छोटी त्रुटियों पर दंडात्मक कार्रवाई न करने, ईंट भट्टों के लिए पूर्व में लागू समाधान योजना को पुनः शुरू करने तथा फर्जी फर्मों पर रोक लगाने के लिए भौतिक सत्यापन अनिवार्य करने की मांग भी उठाई। साथ ही विक्रेता ने टैक्स जमा न करने की स्थिति में खरीदार पर बोझ डालना अन्यायपूर्ण बताया गया।
व्यापारियों ने ऑनलाइन व्यापार पर नियंत्रण लगाने की मांग करते हुए कहा कि इससे छोटे और मध्यम व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
इस दौरान अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार, राजकुमार सक्सेना, गोपाल जी दुबे, अजीत मिश्रा, कन्हैया पोरवाल, शीलू पोरवाल, गुड्डू शुक्ला, रामचंद्र, रिंकू वर्मा, बबलू अग्निहोत्री, ओम प्रकाश शुक्ला, आशीष वर्मा, हर्षित बिश्नोई एवं अमन गुप्ता सहित दर्जनों व्यापारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार