शतचंडी महायज्ञ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, देवी महात्म्य का हुआ भावपूर्ण वर्णन
मीरजापुर, 16 मई (हि.स.)। अदलहाट क्षेत्र के छोटा मीरजापुर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल परिसर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा महोत्सव एवं शतचंडी महायज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के नवें दिन शनिवार को कथावाचक डॉ. पुंडरीक शास्त्री ने भगवान शिव और नारायण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव स्वयं नारायण का भजन करते हैं। देवताओं में भगवान कृष्ण श्रेष्ठ हैं, पुराणों में श्रीमद्भागवत श्रेष्ठ है तथा वैष्णवों में भगवान शिव का सर्वोच्च स्थान है। कथा के दौरान द्रौपदी चीरहरण प्रसंग, देवी महात्म्य में रक्तबीज वध, शुंभ-निशुंभ वध तथा महिषासुर मर्दिनी की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया। साथ ही मां जगदंबा के तीनों स्वरूप महाकाली, महालक्ष्मी एवं महासरस्वती की महिमा का वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
आयोजक मुख्य यजमान डा. गीता देवी एवं डॉ. जयदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को संत श्रीजीयर स्वामी जी के आशीर्वचनों के साथ कथा का विश्राम होगा, जबकि रविवार को हवन-पूजन के उपरांत महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
इस अवसर पर नरायनपुर पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष शुक्ला, नंदलाल, शैलेश सिंह, डॉ. महेंद्र नाथ मिश्र, अरुंधती मिश्रा, मुमुक्षु भवन से पधारे दंडी स्वामी संन्यासी सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा