अभिभावकों की सहमति से तैयार की जा रही डिजिटल आईडी : संदीप सिंह
लखनऊ, 05 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश विधान मंडल के मानसून सत्र के दाैरान बुधवार को विधान परिषद की कार्यवाही में सहभाग करते हुए प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अपने विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण, सुशासन एवं समग्र विकास के संकल्प के साथ उत्तर प्रदेश को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधान परिषद में चर्चा के दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा बच्चों के शैक्षणिक रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण करने और उनके समस्त दस्तावेजों को एक ही स्थान पर सुरक्षित रखने के लिए एक पारदर्शी व्यवस्था बनाई गई है। इस संबंध में भारत सरकार द्वारा छात्रों के हित में 'अपार (APAAR) आईडी' योजना का शुभारंभ किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक बच्चे के लिए 12 डिजिट की एक यूनिक आईडी बनाई जाती है। यह डिजिटल आईडी बच्चे के लिए जीवन भर उपयोगी साबित होगी। इससे उसके सभी शैक्षिक प्रपत्र डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे और किसी भी शैक्षणिक संस्थान में जाने पर तत्काल डिजिटल वेरिफिकेशन संभव हो सकेगा। इससे छात्र-छात्राओं के एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरण एवं प्रवेश की प्रक्रिया भी बेहद सुलभ होगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अभिभावकों की पूर्ण सहमति से बनाई जा रही है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा द्वारा भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में जनपदीय अधिकारियों, स्कूल के शिक्षकों और अभिभावकों को प्रेरित एवं अनुप्राणित किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक बच्चों की अपार आईडी बन सके। उन्होंने इसे छात्रों के व्यापक हित में केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम बताया।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन