परिवार में सकारात्मक और संस्कारित वातावरण होना बच्चों में बेहतरी के लिए आवश्यक : आनंदीबेन पटेल

 


राज्यपाल ने सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कम्प्यूटर लैब एवं वेबसाइट का किया लोकार्पण

लखनऊ, 23 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को लखनऊ स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, अर्जुनगंज में कम्प्यूटर लैब तथा विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कम्प्यूटर लैब का अवलोकन कर विद्यार्थियों को कम्प्यूटर शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यपाल ने विद्यालय को सुविधाओं से सुसज्जित करने वाले महानुभावों को स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त कर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा में किया गया याेगदान सर्वश्रेष्ठ दान है और समाज के ऐसे दानवीरों का सम्मान किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में बच्चों द्वारा प्रस्तुत ‘बाल रामायण’ एवं ‘ब्रज की होली’ की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नन्हे-मुन्ने बच्चे देश का भविष्य हैं। उन्हें छोटी आयु से ही शिक्षा, संस्कार एवं अनुशासन प्रदान करना विद्यालयों का दायित्व है, जिसे विद्या भारती अच्छी तरह निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, रामायण एवं महाभारत तथा हमारे ऋषि-मुनियों के वैज्ञानिक योगदान के विषय में छोटे बच्चों को घरों में भी जानकारी दी जानी चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि आधुनिक शिक्षा एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अध्ययन आवश्यक है, किंतु इसके साथ ही हमें अपनी सांस्कृतिक विरासत व परंपरा को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस युग में भारत निरंतर प्रगति कर रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

उन्होंने गुजरात में विद्या भारती के विद्यालयों में किए गए अपने विकास कार्यों के अनुभव साझा किया तथा शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती के उत्कृष्ट व उल्लेखनीय कार्यों को बताया। उन्होंने विद्या भारती के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों को संस्कार देते रहिए, आगे बढ़ाते रहिए। उन्होंने कहा कि जीवन वह है जो किसी का हाथ पकड़े और आगे बढ़ाए।

राज्यपाल ने बालगृहों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लखनऊ स्थित बालगृह को जन भवन द्वारा गोद लिया गया है और उनकी शिक्षा एवं कौशल विकास की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि घरों में आत्मचिंतन करने की जरूरत है तथा पुत्र एवं पुत्री दोनों पर समान ध्यान दिया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने बताया कि आशुतोष राणा द्वारा कैकेयी पर आधारित पुस्तक सेे प्रेरणा मिलती है कि किसी भी निर्णय के पीछे गहरी सोच और व्यापक दृष्टिकोण हो सकता है। नारी शक्ति, आत्मविश्वास, धैर्य और विपरीत परिस्थितियों में भी दूरदर्शिता बनाए रखने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।

राज्यपाल ने बताया कि जन भवन में गुजरात, इसरो की एक विशेष बस आई है, जो एक सप्ताह तक उपलब्ध रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बस का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित किया। इस बस के माध्यम से इसरो द्वारा किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी जायेगी। उन्होंने यह भी बताया कि जन भवन परिसर में आदर्श माध्यमिक विद्यालय का निर्माण कार्य जारी है, जिसका उद्घाटन मार्च में प्रस्तावित है। इसी परिसर में स्पेस लैब का उद्घाटन आज किया जाएगा।

कार्यक्रम में राज्यपाल द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों को सुविधा सम्पन्न बनाये जाने के लिए 6 किट का वितरण किया गया। राज्यपाल ने जन भवन की ओर से पुस्तकें प्रदान की तथा विद्यालय की पत्रिका का विमोचन भी किया।

इस अवसर पर क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र डॉ. सौरभ मालवीय, प्रदेश निरीक्षक भारतीय शिक्षा समिति अवध प्रान्त, रामजी सिंह, निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान डॉ. मदन लाल ब्रह्म भट्ट, अध्यक्ष, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उत्तर प्रदेश रविंद्र प्रताप सिंह, अध्यक्ष सरस्वती शिशु विद्या मन्दिर अर्जुनगंज अखिलेश शुक्ला, शिक्षकगण एवं विद्यार्थी व उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा