बहुआयामी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करें मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय : राज्यपाल

 




- निरीक्षण कर परखी निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता पर चेताया, ससमय कार्य पूर्ण करने के निर्देश

- विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास का केंद्र बनेगा विश्वविद्यालय, ग्रीन कैंपस और स्टार्टअप पर विशेष फोकस

- पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, बच्चों को बांटी स्कूल बैग, बताया सफलता का सूत्र

मीरजापुर, 26 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुरुवार को देवरी स्थित निर्माणाधीन मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर गुणवत्ता और कार्य प्रगति परखी। साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों और विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक विकास योजना को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षण संस्थान नहीं, विंध्य क्षेत्र के समग्र विकास का केंद्र बनेगा।

राज्यपाल ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और शैक्षणिक ढांचे की रूपरेखा पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने उपस्थित स्कूली बच्चों को स्कूल बैग वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने नियमित अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण पर जोर दिया।

राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विश्वविद्यालय को भविष्य में एक बहुआयामी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, जहां पारंपरिक पाठ्यक्रमों के साथ-साथ रोजगारपरक, तकनीकी और शोध आधारित पाठ्यक्रम भी संचालित हों। उन्होंने विशेष रूप से कृषि, वन, पर्यावरण, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय हस्तशिल्प और उद्यमिता से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही, ताकि विंध्य क्षेत्र की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने परिसर को 'ग्रीन कैंपस' के रूप में विकसित करने, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लासरूम और अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना पर जोर दिया। साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास, खेल परिसर और शोध केंद्र स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।

अनुभवी फैकल्टी, इंडस्ट्री समन्वय और स्टार्टअप इनक्यूबेशन पर जोर

बैठक में यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए अनुभवी शिक्षकों की नियुक्ति, उद्योगों से समन्वय और स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना की दिशा में कार्य किया जाएगा। इस दौरान कुलपति प्रो. शोभा गौड़ समेत डीएम पवन कुमार गंगवार, एसपी अपर्णा रजत कौशिक आदि उपस्थित थे।

उच्च शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे

इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल सहित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने का आश्वासन दिया। कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है और मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को एक मॉडल विश्वविद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि मां विंध्यवासिनी के नाम पर स्थापित यह विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र समेत पूरे पूर्वांचल के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खोलेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा