शिक्षकों को सेंसेटाइजेशन वीडियो से जोड़ रही योगी सरकार, ‘प्रशस्त 2.0’ से मजबूत होगी बच्चों की स्क्रीनिंग

 


- बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को संवेदनशील बनाने पर विशेष जोर

- करीब 40 मिनट के 10 सेंसेटाइजेशन वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को दी जा रही आवश्यक जानकारी

- परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के सभी शिक्षकों को प्रशस्त एप/पोर्टल से जोड़ा जा रहा

लखनऊ, 24 अगस्त (हि.स.)। हर बच्चे की जरूरत को समझकर उसे उपयुक्त शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराना योगी सरकार की समावेशी शिक्षा नीति का महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इसी दिशा में ‘प्रशस्त 2.0’ के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को संवेदनशील और तैयार करने की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशस्त एप/पोर्टल पर उपलब्ध सेंसेटाइजेशन वीडियो के जरिए शिक्षकों को बच्चों की स्क्रीनिंग की प्रक्रिया और उसकी आवश्यकता को समझने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि विद्यालय स्तर पर बच्चों की जरूरतों की पहचान अधिक संवेदनशीलता और समझ के साथ की जा सके।

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के निर्देशों के क्रम में सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, बेसिक तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अपने स्तर से संबंधित शिक्षकों को सेंसेटाइजेशन वीडियो देखने के लिए निर्देशित करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी संबंधित शिक्षक प्रशस्त एप/पोर्टल पर उपलब्ध वीडियो देखें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनबोर्ड हों।

योगी सरकार का यह प्रयास तकनीक और शिक्षक की संवेदनशीलता को जोड़कर बच्चों की जरूरतों की बेहतर पहचान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘प्रशस्त 2.0’ के माध्यम से स्क्रीनिंग से पहले शिक्षक तैयार होंगे, जिससे समावेशी और जरूरत आधारित शिक्षा व्यवस्था को विद्यालय स्तर पर और मजबूती मिलेगी।

स्क्रीनिंग से पहले शिक्षक होंगे तैयार

‘प्रशस्त 2.0’ के अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों के लिए करीब 40 मिनट के कुल 10 सेंसेटाइजेशन वीडियो उपलब्ध कराए गए हैं। इन वीडियो को देखना शिक्षकों के लिए अनिवार्य किया गया है। वीडियो के माध्यम से शिक्षकों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझ सकें।

सभी विद्यालयों के शिक्षकों को जोड़ा जा रहा

राज्य के परिषदीय, प्राइवेट एडेड और प्राइवेट अनएडेड विद्यालयों के सभी शिक्षकों को प्रशस्त एप/पोर्टल पर ऑनलाइन सेंसेटाइजेशन वीडियो देखने के लिए जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य स्क्रीनिंग प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले शिक्षकों को एक समान जानकारी और आवश्यक संवेदनशीलता प्रदान करना है।

प्रशस्त एप और पोर्टल से ऑनलाइन व्यवस्था

शिक्षकों को सेंसेटाइजेशन वीडियो उपलब्ध कराने के लिए प्रशस्त एप/पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। इससे शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से वीडियो देख सकते हैं और स्क्रीनिंग प्रक्रिया के लिए स्वयं को तैयार कर सकते हैं। तकनीक के उपयोग से प्रशिक्षण और संवेदनशीलता संबंधी सामग्री को प्रदेशभर के शिक्षकों तक पहुंचाने की व्यवस्था को सरल और प्रभावी बनाया गया है।

समावेशी शिक्षा को मिलेगी मजबूती

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि ‘प्रशस्त 2.0’ के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग को शिक्षक की तैयारी से जोड़ा गया है। स्क्रीनिंग से पहले शिक्षकों को आवश्यक जानकारी और संवेदनशीलता उपलब्ध होने से बच्चों की जरूरतों को समझने की प्रक्रिया को बेहतर आधार मिलेगा। इससे विद्यालयों में ऐसे बच्चों की पहचान और उनके लिए आवश्यक शैक्षिक सहयोग की दिशा तय करने में मदद मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा