उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में बनेंगे 150 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट : मंत्री ओमप्रकाश राजभर
प्रदेश में स्वच्छता को नई रफ्तार ओडीएफ प्लस लक्ष्यों को लेकर गवर्निंग बॉडी की अहम बैठक संपन्न
लखनऊ, 03 नवंबर (हि.स.)। 'स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2' के अंतर्गत उत्तर प्रदेश शासन के पंचायती राज विभाग ओडीएफ (ODF) स्थायित्व और ओडीएफ प्लस (ODF Plus) के लक्ष्यों को गति देने एवं अधिक प्रभावी ढंग से प्राप्त करने के लिए मंगलवार को पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर की अध्यक्षता में उनके विधान सभा स्थित कक्ष कार्यालय में गवर्निंग बॉडी की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई।
बैठक में प्रमुख सचिव पंचायती राज रविन्द्र, निदेशक पंचायती राज धीरेंद्र सिंह सचान, विशेष सचिव राजेश त्यागी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, जनजागरूकता और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर गहन विचार-विमर्श कर ठोस निर्णय एवं अनुमोदन प्रदान किए गए।
व्यापक जनजागरूकता और आई.ई.सी. (IEC) गतिविधियों का संचालन
गतिविधियों में एकरूपता, पारदर्शिता और पुनरावृत्ति रोकने के लिए ई-प्रोक्योरमेंट (E-procurement) नियमों के तहत निविदा प्रक्रिया द्वारा पारदर्शी ढंग से प्रतिष्ठित संस्था का चयन निदेशालय स्तर से किया जाएगा। चयनित संस्था के माध्यम से प्रदेशभर में एलईडी वैन, नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, वॉल पेंटिंग और स्कूली क्विज़ प्रतियोगिताओं आदि का प्रभावी संचालन किया जाएगा।
फीकल स्लज प्रबंधन के तहत एफएसटीपी की स्थापना
ग्रामीण उत्तर प्रदेश में अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने हेतु प्रति 02 विकास खंड पर 01 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत कुल 826 विकास खंडों के लिए 400 एफएसटीपी निर्मित किए जाने हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चरण में राज्य के सभी 75 जनपदों में प्रति जनपद 02 के हिसाब से कुल 150 एफएसटीपी इकाइयों के निर्माण का लक्ष्य स्वीकृत हुआ है।
इन प्लांट्स के निर्माण तथा अगले 05 वर्षों तक इनके सुचारू संचालन व रख-रखाव के लिए नामित कार्यदायी संस्था (यूपीपीसीएल ) के साथ 15 दिनों के भीतर अनुबंध (एमओयू) प्रक्रिया पूर्ण कर धरातल पर कार्य शुरू कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
पंचायती राज मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित समयावधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए। यह निर्णय ग्रामीण उत्तर प्रदेश को पूर्ण रूप से स्वच्छ, स्वस्थ और आदर्श ओडीएफ प्लस राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा