गोरखपुर में नए आरक्षियों को पढ़ाया गया कर्तव्य, अनुशासन का पाठ
गोरखपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गाेरखपुर में पुलिस में शामिल हुए 1239 महिला एवं पुरुष आरक्षियों के लिए बुधवार काे बाबा गम्भीर नाथ प्रेक्षागृह में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियाें ने आरक्षियाें काे पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों, व्यवहारिक चुनौतियों और जिम्मेदारियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक नॉर्थ ज्ञानेंद्र, पुलिस अधीक्षक सिटी निमिष पाटिल, सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस तथा सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने संबोधनों में पुलिस सेवा के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए आरक्षियों को व्यावहारिक अनुभवों से सीख लेने और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के केंद्र में एसएसपी डॉ. कौस्तुभ का संबोधन रहा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिस की वर्दी अधिकार से अधिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है, और इस विश्वास को बनाए रखना आप सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है।” उन्होंने नए आरक्षियों को यह समझाया कि हर शिकायतकर्ता, हर पीड़ित व्यक्ति पुलिस से उम्मीद लेकर आता है, ऐसे में उनके साथ व्यवहार में संवेदनशीलता, धैर्य और निष्पक्षता होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसिंग केवल कानून लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और भरोसे का वातावरण तैयार करना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने अपने संबोधन में पुलिसिंग के व्यावहारिक पक्ष पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कई बार छोटी घटनाएं भी बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या बन सकती हैं, ऐसे में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी की सूझबूझ, धैर्य और त्वरित निर्णय क्षमता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने आरक्षियों को हर परिस्थिति में संयम बनाए रखने और कानून के दायरे में रहते हुए प्रभावी कार्रवाई करने की सलाह दी। सहायक पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार एस और सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा ने भी अपने अपने विचार रखे।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय