गोरखपुर में एमजीयूजी में विद्यार्थियों ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प, दुष्परिणामों के प्रति हुए जागरूक

 


गोरखपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद गाेरखपुर के महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) में राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) के तत्वावधान में शुक्रवार काे ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत 100 सप्ताह कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर नशामुक्ति शपथ, हस्ताक्षर अभियान एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। शपथ कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही ‘नशामुक्त युवा’ हस्ताक्षर अभियान का भी आयोजन किया गया। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर किए। इसी क्रम में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के कारण व्यक्ति, परिवार एवं समाज पर पड़ने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर रासेयो के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय ने कहा कि युवा देश की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। यदि युवा नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाएंगे, तो विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान होगा। विश्वविद्यालय के नशामुक्ति अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. दिलीप मिश्रा ने कहा कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ समाज और विकसित भारत की सशक्त नींव हैं। युवाओं को नशे से दूर रखकर सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में अनिल पटेल, रवि निषाद एवं डॉ. अमित उपाध्याय की सक्रिय सहभागिता रही। इसमें करीब 300 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय