यूपी बनेगा 'ग्लोबल मैनपावर हब': लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, झांसी व गौतमबुद्ध नगर में स्थापित होंगे अत्याधुनिक कौशल केंद्र

 


-प्रदेश 09 विशेष रोजगार जोन में विभाजित, हब-एंड-स्पोक मॉडल से गांवों और कस्बों के युवाओं को मिलेगी विश्वस्तरीय ट्रेनिंग

-एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस और विदेशी भाषाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण, पीपीपी मॉडल पर 03 वर्ष में विकसित होंगे केंद्र

-एक ही छत के नीचे ट्रेनिंग, हॉस्टल और प्लेसमेंट, विदेशों व बहुराष्ट्रीय कंपनियों में युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार

-मुख्यमंत्री योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति के चेक और टूलकिट वितरित की, 08 कॉर्पोरेट एवं अन्य संस्थाओं के बीच हुआ एमओयू

लखनऊ, 31 अक्टूबर (हि.स.)। राष्ट्र की एकता और अखंडता के प्रतीक, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं पावन जयंती (राष्ट्रीय एकता दिवस) के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लोक भवन सभागार में 1,725 करोड़ रुपये की लागत वाली महत्वाकांक्षी 'सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना' का विधिवत शुभारंभ किया।

उत्तर प्रदेश को 'ग्लोबल मैनपावर हब' बनाने तथा प्रदेश के युवाओं को वैश्विक उद्योगों की मांग के अनुरूप दक्ष करने के उद्देश्य से इस ऐतिहासिक योजना की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा योजना से संबंधित आधिकारिक पोर्टल का लोकार्पण किया गया तथा प्रथम चरण में 5 प्रमुख जनपदों गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, झांसी एवं गौतमबुद्ध नगर में कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास केंद्रों का शिलान्यास संपन्न हुआ।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी एवं ओजस्वी नेतृत्व में यह योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं और औद्योगिक विकास के लिए युगांतकारी सिद्ध होगी। संपूर्ण प्रदेश के 75 जनपदों को 09 विशेष रोजगार जोन में विभाजित कर एक प्रभावी 'हब-एंड-स्पोक मॉडल' विकसित किया गया है। इसके माध्यम से हर जिले, कस्बे और सुदूर ग्रामीण अंचल के युवाओं को सीधे मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। चाहे अभ्यर्थी आर्ट्स, कॉमर्स, आईटीआई का हो या इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि का, प्रत्येक युवा को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। वैश्विक बाजार की मांग को देखते हुए इन केंद्रों में युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, डेटा साइंस जैसे अत्याधुनिक तकनीकी विषयों के साथ-साथ देशी एवं विदेशी भाषाओं का भी गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों व प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भी रोजगार के कीर्तिमान स्थापित कर सकेंगे।

योजना को धरातल पर तीव्र गति से क्रियान्वित करने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता (पीपीपी) के तहत 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' (डीबीएफओटी) मॉडल को अपनाया गया है। प्रथम चरण में एमएसएमई विभाग, गीडा, ग्रेटर नोएडा, यीडा और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के सहयोग से इन आधुनिक परिसरों का निर्माण कराया जा रहा है। परियोजना की शुचिता और गति बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय निगरानी समिति गठित की गई है। मास्टर डेवलपर के लिए 03 वर्ष के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, प्रशिक्षणार्थियों के सुगम आवागमन हेतु प्रत्येक कौशल केंद्र को 04-लेन सड़क के जरिए सीधे मुख्य राष्ट्रीय/राज्य राजमार्गों से जोड़ा जाएगा।

कौशल विकास केंद्रों के प्रारूप की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि इन परिसरों में युवाओं के लिए अत्याधुनिक आवासीय हॉस्टल, स्मार्ट क्लासरूम्स और लैब्स के साथ-साथ इन-हाउस 'प्लेसमेंट सेल' एवं सेवायोजन कार्यालय स्थापित किए जाएंगे। यानी एक ही छत के नीचे युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा और वहीं से सीधे कंपनियों में रोजगार व नियुक्ति पत्र प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त, जो युवा उद्यमिता की ओर बढ़ना चाहते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) और मुद्रा योजना के माध्यम से आसान वित्तीय ऋण एवं टूलकिट सहायता भी सुनिश्चित कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को वितरित किए ऋण और सहायता राशि के चेक, युवाओं को मिली टूलकिट

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति के चेक और टूलकिट वितरित किए। इस दौरान एमएसएमई, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना, एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) और विश्वकर्मा सम्मान योजना के लाभार्थियों को प्रोत्साहित किया गया।

योजना के तहत एमएसएमई विभाग के तहत तकनीकी उन्नयन के लिए कृष्णा मेटल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अमन अग्रवाल को पांच लाख रुपये, श्रीराम प्लास्टिक की अंजना धवन को पांच लाख रुपये, गोमती हेल्दी न्यूट्रिशन के कुणाल बत्रा को पांच लाख रुपये, आरआर एग्रो इंडस्ट्रीज सुल्तानपुर के अजीत साहू को 20.17 लाख रुपये तथा सिरमौर डिटर्जेंट प्रा लि., बरेली के प्रभजोत सिंह को 63 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया।

इसी तरह मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत नेहा फ्लावर डेकोरेशन की नेहा कुमारी को पांच लाख रुपये, रामा डिजिटल लाइब्रेरी के बलवीर यादव को पांच लाख रुपये, बुटीक व्यवसाय के लिए विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव को चार लाख रुपये और अंजली गुप्ता को पांच लाख रुपये तथा वेब डेवलपमेंट एंड आईटी सर्विसेज के लिए वासुदेव वाजपेयी को पांच लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।

वहीं, ओडीओपी योजना के तहत चिकनकारी उत्पाद के लिए कमलेश गुप्ता, रायबरेली के दिलीप कुमार को काष्ठ कला तथा बाराबंकी की नीलम को वस्त्र उत्पाद के क्षेत्र में प्रोत्साहित किया गया। इसी क्रम में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत सीतापुर की संगीता और सुधाकर शर्मा को टूलकिट प्रदान की गई।

आठ प्रमुख संस्थाओं के साथ एमओयू का आदान-प्रदान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के एमएसएमई विभाग और आठ प्रमुख कॉर्पोरेट एवं अन्य संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापनों (एमओयू) का आदान-प्रदान हुआ। इन समझौतों का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराना और रोजगार एवं प्लेसमेंट के अवसरों से जोड़ना है। सरकार की ओर से आयुक्त एवं निदेशक के. विजेंद्र पांडियन ने टाटा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल्स, अशोक लीलैंड, बीवीजी ग्रुप, पीटीसी इंडस्ट्रीज, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपेट), एशियन डेवलपमेंट बैंक, अवाडा ग्रुप और मिंडा के प्रतिनिधियों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया। इस अवसर पर टीसीएस आईओएन एवं एजुकेशन बिजनेस के प्रमुख वी. रामास्वामी, अशोक लीलैंड के वाइस प्रेसिडेंट शक्ति सिंह, बीवीजी ग्रुप के चीफ ग्रोथ ऑफिसर जितेंद्र वालिया, पीटीसी इंडस्ट्रीज की चेयरमैन एवं एमडी स्मिता अग्रवाल, सीआईपेट के विवेक कुमार, एशियन डेवलपमेंट बैंक के केंजी ग्रोनुमा, अवाडा ग्रुप के अनुराग चोखानी और मिंडा की स्टेट हेड (सीएसआर) इशिता धर उपस्थित रहीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा