मोबाइल मेडिकल यूनिट से गाेरखपुर मण्डल में मार्च में 23 हजार से अधिक मरीजों को मिला लाभ

 

गोरखपुर, 27 अप्रैल (हि.स.)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और सशक्त बनाने की दिशा में प्रदेश सरकार की मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) योजना प्रभावी साबित हो रही है। दूरदराज के गांवों में अब लोगों को इलाज के लिए शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही, बल्कि चिकित्सकीय सुविधाएं उनके द्वार तक पहुंच रही हैं।

गोरखपुर मंडल में मार्च माह के दौरान इस योजना ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की। सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में मंडल के सभी चारों जिले—गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज ने शत-प्रतिशत क्रियाशीलता के साथ प्रथम स्थान हासिल करते हुए ‘ए ग्रेड’ प्राप्त किया। वहीं गोरखपुर जनपद प्रदेश के टॉप फाइव जिलों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेश झाॅ के अनुसार, मोबाइल मेडिकल यूनिट योजना ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे समय पर जांच और उपचार संभव हो रहा है। गंभीर बीमारियों की पहचान भी शुरुआती स्तर पर हो जा रही है। यह पहल न केवल ग्रामीणों को राहत दे रही है, बल्कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

उन्हाेंने बताया कि मंडल में कुल 16 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। उनमें गोरखपुर में पांच, देवरिया और कुशीनगर में 4-4 तथा महराजगंज में तीन यूनिट शामिल हैं। ये यूनिट्स उन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं, जहां जिला अस्पताल, सीएचसी या पीएचसी की सुविधा दूर है। मार्च माह में इन यूनिटाें के माध्यम से 149 ओपीडी आयोजित की गईं। उनमें कुल 23 हजार 356 मरीजों को निःशुल्क परामर्श और दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इनमें से पांच हजार 397 मरीजों की मौके पर ही लैब जांच की गई। गंभीर लक्षण पाए जाने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर भी किया गया।

जिलेवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

गोरखपुर: 48 ओपीडी, 7,273 मरीज, 2,014 लैब टेस्टदेवरिया: 49 ओपीडी, 5,875 मरीज, 1,361 लैब टेस्टकुशीनगर: 50 ओपीडी, 5,933 मरीज, 1,534 लैब टेस्टमहराजगंज: 48 ओपीडी, 4,275 मरीज, 488 लैब टेस्ट

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय