जनपद गौतमबुद्ध नगर में औद्योगिक असमंजस के समाधान के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित

 


गौतमबुद्धनगर, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जनपद गौतमबुद्ध नगर में उत्पन्न औद्योगिक असमंजस की स्थिति के दृष्टिगत, संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर औद्योगिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश होंगे। समिति में अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश तथा प्रमुख सचिव, श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त सदस्य सचिव के रूप में उत्तर प्रदेश (कानपुर) से नामित अधिकारी को सम्मिलित किया गया है। समिति में श्रमिक संगठनों के 05 प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य के रूप में शामिल हैं। उक्त उच्च स्तरीय समिति जनपद गौतम बुद्ध नगर में पहुंच चुकी है। प्राथमिकता के आधार पर संबंधित प्रकरण का परीक्षण करते हुए अपनी आख्या शीघ्र ही शासन को प्रस्तुत करेगी।

उल्लेखनीय है कि वेतन बढ़ोतरी सहित विभिन्न मांगों को लेकर गौतमबुद्ध नगर में नोएडा के सेक्टर 63, सेक्टर 62, सेक्टर 15, फेस-दो औद्योगिक क्षेत्र, सूरजपुर, नॉलेज पार्क क्षेत्र, दादरी क्षेत्र, ईकोटेक-प्रथम क्षेत्र के औद्योगिक एरिया में सुबह से ही मजदूरों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई जगह पर श्रमिकों ने जाम लगाया। पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। श्रमिकों ने उग्र होकर पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की तथा पुलिस की जीप पलट दी। पुलिस को बल प्रयोग और आंसू गैस का इस्तेमाल भी करना पड़ा है। मदरसन कंपनी के पास श्रमिकों ने कई कारों में आग लगा दी। कई जगह फैक्ट्रियों में तोड़फोड़ की गई। अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि पुलिस हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला