गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में पूर्व छात्रा मिलन समारोह में जुटी हस्तियां
गोरखपुर, 23 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के गंगोत्री देवी महिला महाविद्यालय में युवा महोत्सव के अंतर्गत आयोजित पूर्व छात्रा मिलन समारोह गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। विगत 35 वर्षों की पुरातन छात्राएँ देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अपने प्रिय परिसर में पुनः एकत्रित हुईं और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. अर्चना तिवारी ने मंच से अपना प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की वास्तविक शक्ति उसकी पूर्व छात्राएँ होती हैं, जो अपने ज्ञान, संस्कार और आत्मविश्वास से समाज में नई दिशा देती हैं। उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि शिक्षित नारी केवल अपने जीवन को नहीं, बल्कि पूरे समाज की सोच को बदलने की क्षमता रखती है। उनके विचारों ने उपस्थित छात्राओं में आत्मबल और आत्मनिर्भरता का नया संचार किया।
कार्यक्रम में दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मनीष पांडेय भी उपस्थित रहे और उन्होंने पूर्व छात्राओं की उपलब्धियों को संस्थान की गौरवगाथा बताया। इस अवसर पर पुरातन छात्राओं में कनक मिश्रा, अनुप्रिया मिश्रा, अल्पना पाण्डेय, प्रियंका श्रीवास्तव, तृप्ति सिंह, संगीता पाण्डेय, डॉ. कुमुद त्रिपाठी सहित अनेक पूर्व छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय से प्राप्त शिक्षा और संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व को सुदृढ़ बनाया और जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें सफलता दिलाई।
कार्यक्रम के दौरान वर्तमान छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं और अंत में सभी पूर्व छात्राओं को स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। अनेक पुरातन छात्राओं ने भविष्य में महाविद्यालय के विकास एवं छात्राओं के मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। कई पूर्व छात्राएँ आज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं—कोई प्राध्यापक के रूप में उच्च शिक्षा में कार्यरत है, कोई न्यायिक सेवा में, कोई अधिवक्ता के रूप में विधि क्षेत्र में प्रतिष्ठित है, तो किसी ने अपना स्वयं का शैक्षणिक संस्थान स्थापित कर शिक्षा का प्रकाश फैला रही है।
प्राचार्य डॉ गौरी पांडेय ने कहा यहाँ से निकलने वाली प्रत्येक बेटी समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बनाती है और समय-समय पर अपने मूल से जुड़ने के लिए पुनः लौटती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय