वाराणसी में बारिश थमी तो गंगा का जलस्तर स्थिर होने के बाद बेहद धीमी गति से घटने लगा, खतरा बरकरार

 


—वाराणसी में अभी भी जलस्तर खतरे के निशान के करीब, तटवर्ती क्षेत्र के राहत शिविर में पहुंचे जिलाधिकारी

वाराणसी, 04 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदी वरुणा का बढ़ता जलस्तर स्थिर होने के बाद बेहद धीमी गति से घटने लगा है। हालांकि नदियों के तटवर्ती क्षेत्र में खतरा टला नही है। बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के नजदीक या उपर पहुंच सकता है। वहीं, गुरूवार और शुक्रवार को शाम चार बजे तक बारिश न होने के कारण लोगों को भी थोड़ी राहत मिली।

केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेज साइट के अनुसार, शुक्रवार सुबह छह बजे गंगा का जलस्तर स्थिर होने के साथ 70.68 मीटर दर्ज किया गया, जो सुबह आठ बजे 70.66 मीटर हो गया। सुबह आठ बजे के बाद गंगा का जलस्तर एक सेंटीमीटर प्रतिघंटा की दर से घटने लगा। इसके बाद पूर्वाह्न 10 बजे घटने की रफ्तार आधा सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई। गंगा का जलस्तर 70.65 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। उधर, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने भी बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की। जिलाधिकारी ने दिप्ती कान्वेंट स्कूल हुकुलगंज, सरस्वती विद्या मंदिर हुकुलगंज, तुलसी निकेतन हुकुलगंज, प्राथमिक पाठशाला, ढेलवरिया सहित अन्य बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं को परखा।

जिलाधिकारी ने शिविर में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से उनका कुशलक्षेम जानने के साथ ही उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शिविर में रह रहे लोगों को सुबह का नाश्ता एवं दोनों वक्त का भोजन हर हालत में समय से मिलना सुनिश्चित हो। बच्चों को दूध, फल के साथ ही अन्य व्यवस्था होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने सरस्वती विद्या मंदिर, हुकुलगंज के राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान लोगों के साथ उनके बीच बैठकर उनसे व्यवस्थाओं के बाबत वार्ता की। वहीं, दीप्ति कान्वेंट स्कूल, हुकूलगंज में राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेडिकल टीम के डॉक्टर से बाढ़ पीड़ितों के लिए उपलब्ध कराए जा रहे चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि 24 घंटे टीम की उपस्थिति सुनिश्चित हो। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ-साथ वृद्धजनों एवं गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिए गए।

तुलसी निकेतन, हुकुलगंज एवं प्राथमिक विद्यालय, ढेलवरिया के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वहां रह रहे लोगों के साथ ही बच्चों से भी वार्ता की। वहां राहत शिविर में मिल रही सुविधाओं की जानकारी बच्चों से भी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट दिए। नवयुग विद्या मंदिर, ढलवरिया के राहत केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को देखा। निरीक्षण के दौरान राहत शिविर में बनाये जा रहे भोजन को जिलाधिकारी ने रसोई में जाकर देखा तथा सफाई के साथ भोजन पकाए जाने पर विशेष जोर दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी