पीएमएमएसवाई में लापरवाही पर उप्र मत्स्य निदेशक समेत पांच अधिकारी निलंबित
वाराणसी में योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताओं के आरोप में जांच जारी, दोषी पाए जाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
लखनऊ, 12 अगस्त (हि.स.)। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही और अनियमितताओं के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मत्स्य पालन विभाग के मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद की सिफारिश पर मत्स्य पालन विभाग के निदेशक एन.एस. रहमानी को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा वाराणसी जिले में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े चार मत्स्य पालन अधिकारियों श्वेता सिंह, आकाश दीप, राजेंद्र और खुर्शीद आलम के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
विभागीय स्तर पर की गई शुरुआती जांच में पीएमएमएसवाई के क्रियान्वयन में कथित लापरवाही और अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट और उसके निष्कर्षों के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर यह भी आशंका है कि कुछ अन्य अधिकारी भी लापरवाही या अनियमितताओं में शामिल हो सकते हैं। ऐसे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच पूरी होने पर तय होगी जिम्मेदारी
मत्स्य मंत्री ने कहा कि मौजूदा कार्रवाई प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों पर आधारित है। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी लापरवाही, वित्तीय अनियमितता अथवा किसी अन्य गलत कार्य के लिए जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। पीएमएमएसवाई जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस : निषाद
डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितताओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत कार्य में दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। विस्तृत जांच में जिसकी भी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा