फिरोजाबाद : ग्राम पंचायत पुस्तकालय बने ग्रामीण युवाओं की सफलता का नया आधार

 


फिरोजाबाद, 13 सितंबर (हि.स.)। पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित ग्राम पंचायत पुस्तकालय ग्रामीण युवाओं के लिए वरदान साबित हो रहे हैं।

कभी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों की ओर रुख करने वाले गांव के मेधावी युवाओं को अब अपनी ही ग्राम पंचायत में संसाधन- संपन्न और आधुनिक अध्ययन की सुविधा और वातावरण मिल रहा है, फिरोजाबाद में यह पहल न केवल ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोक रही है, बल्कि सफलता की एक नई इबारत भी लिख रही है।

फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के विशेष प्रयासों से जनपद फिरोजाबाद में कुल 261 ग्राम पंचायत पुस्तकालयों की स्थापना की जा चुकी है, इन पुस्तकालयों में अध्ययन कर अब तक 85 से अधिक छात्र-छात्राओं का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस, सेना, अर्धसैनिक बलों एवं सरकारी व निजी सेवाओं में हो चुका है। ग्राम पंचायत कंथरी (अरांव) से अमित, दुष्यंत, मनीष, रनजीत राजपूत, अश्विनी और प्रसू का चयन सी०आर०पी०एफ०, उत्तर प्रदेश पुलिस, भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना में हुआ।

इसी तरह ग्राम पंचायत नेपई (नारखी) से पृथ्वी सिंह का चयन भारतीय सेना में तथा गिरीश कुमार का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ।

इसी तरह ग्राम पंचायत ववायन (हाथवंत) के अश्वनी कुमार व गौरव कुमार ने उत्तर प्रदेश पुलिस में सफलता पाई, ग्राम पंचायत सुरैल नगला कांक्षी व भेंड़ी (जसराना) से ज्योति शाक्य और शिवम कुमार का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ। सरकार का यह प्रयास महज किताबें उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन ग्राम पंचायत पुस्तकालयों को आधुनिक स्मार्ट क्लासेस से जोड़ा गया है, अब गांव का युवा महंगी कोचिंग फीस और शहर के भारी भरकम खर्च के बिना, अपनी ग्राम पंचायत में बैठकर सिविल सेवाओं, पुलिस, एस०एस०सी० और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च स्तरीय तैयारी कर पा रहा है।

इस योजना के धरातल पर सफल क्रियान्वयन और युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ने में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का मार्गदर्शन व सहयोग भी अनुकरणीय रहा है। उन्हाेंने बताया कि फिरोजाबाद की ग्राम पंचायतों में किताबों की रोशनी से शुरू हुआ यह सफर आज सैकड़ो परिवारों के जीवन में सामाजिक और आर्थिक बदलाव ला रहा है, यह ग्राम पंचायत पुस्तकालय आज केवल अध्ययन केंद्र नहीं है, बल्कि ग्रामीण उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का ऐतिहासिक दस्तावेज बन चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़