संतों के समागम से ही मिलता है परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग
मीरजापुर, 07 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में हलिया विकास खंड के बरी गांव में शनिवार को मानव उत्थान सेवा समिति, हरिद्वार की ओर से सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें हरिद्वार से आए संत विलक्षणा आनंद महाराज, साध्वी सुजाता बाई और महादेवी के प्रवचन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। संगीतमय सत्संग में हजारों भक्तों ने भाग लिया और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
संतों ने कहा कि सत्संग में वही पहुंच पाते हैं, जिनका भाग्य उदय होता है। संतों के सानिध्य से ही मनुष्य का परिचय परमात्मा से होता है। हनुमान जी ने विभीषण को भगवान राम से मिलाया, जबकि संत रविदास ने मीराबाई को भगवान कृष्ण तक पहुंचाया। महापुरुष ही भगवान की प्राप्ति का मार्ग बताते हैं। भक्ति के लिए किसी शुल्क की जरूरत नहीं होती, बल्कि सच्चे भाव और नाम जप से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है। मन के विकारों को दूर करने के लिए संत समागम और भगवान का स्मरण जरूरी है।
साध्वी सुजाता बाई ने गरुड़ मोह प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान राम को नागपाश में बंधा देखकर गरुड़ के मन में संशय उत्पन्न हुआ। इस संशय को दूर करने के लिए वे नारद, ब्रह्मा और भगवान शिव के पास पहुंचे। अंत में कागभुशुंडि के आश्रम में रामकथा सुनने के बाद उनका भ्रम दूर हुआ। उन्होंने कहा कि सत्संग और कथा श्रवण से मनुष्य के संशय दूर होते हैं।
इस दौरान मुरारी पटेल, बीके सिंह, शीतला प्रसाद, शालिग्राम पटेल और मनोज सिंह ने संतों का स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया, विकास उर्फ छोटू सोनकर और ताराचंद्र अग्रहरि सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा