त्योहारों को लेकर यूपी पुलिस अलर्ट, डीजीपी ने बाजारों में अफसराें काे फुट पेट्रोलिंग के दिए निर्देश
- धनतेरस से छठ तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शाम को सायरन बजाकर गश्त करेंगी पुलिस
लखनऊ, 31 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्णा ने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए मातहतों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बाजारों में रौनक बढ़ गई है। इसको देखते हुए शाम के समय में वरिष्ठ अधिकारी, थाना प्रभारियों के साथ इलाके में पेट्रोलिंग करें ताकि लोगों में सुरक्षा का अहसास रहे है। पेट्रोलिंग से पूर्व संबंधित क्षेत्र में घटित आपराधिक घटनाओं, अपराध के पैटर्न एवं पुलिसिंग से जुड़ी समस्याओं का विस्तृत विश्लेषण कर लिया जाए। शाम छह से सात के बीच में सायरन बजाकर पुलिस गश्त करेगी।
डीजीपी ने कहा कि फुट पेट्रोलिंग केवल क्षेत्र में भ्रमण तक सीमित न रहे। अफसर स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन से संवाद स्थापित कर क्षेत्र की समस्याओं एवं शिकायतों की जानकारी ले और उनका मौके पर ही यथासंभव समाधान सुनिश्चित कराए। क्षेत्र की संवेदनशीलता एवं अपराध की प्रकृति के अनुरूप प्रभावी पिकेट एवं पुलिस बल की तैनात करे।
उन्होंने निर्देश दिए कि बीट पुलिसकर्मियों एवं बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्र के गांवों एवं मोहल्लों में अवैध मादक पदार्थों के निर्माण एवं तस्करी से संबंधित दृश्य संकेतकों की पहचान के लिए विशेष रूप से संवेदनशील एवं प्रशिक्षित किया जाए। बीट आरक्षियों को अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों, अवैध असलहों एवं संगठित अपराधियों के नेटवर्क के संबंध में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय बीट सूचनाएं संकलित करने के लिए नियमित रूप से ब्रीफ किया जाए तथा प्राप्त सूचनाओं पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
यातायात व्यवस्था का प्रभावी संचालन
डीजीपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव एवं जाम की समस्या के दृष्टिगत ट्रैफिक ड्यूटी का पुनर्गठन किया जाए। उपलब्ध अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों का समुचित उपयोग करते हुए प्रमुख मार्गों एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। यातायात का सुचारु एवं निर्बाध संचालन सुनिश्चित किया जाए।
पटाखा भंडारण को लेकर दुकानों में चलाए अभियान
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि पटाखों की दुकानों एवं भंडारण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाए। पटाखों की दुकानें खुले एवं सुरक्षित स्थानों पर तथा मुख्य बाजार से अलग निर्धारित स्थानों पर लगाई जाए। सभी दुकानदारों के पास लाइसेंस होने चाहिए। पटाखा दुकानों पर पर पानी, रेत एवं अग्निशमन यंत्र सहित आवश्यक सुरक्षा प्रबंध अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहेंगे। प्रदेश में सभी अस्थायी पटाखा दुकानों एवं पटाखों के भंडारण स्थलों की सघन जांच शीघ्र पूर्ण कराते हुए सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
दीपावली से लेकर छठ पर्व तक सतर्क रहे पुलिस
डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दीपावली से पूर्व से लेकर दीपावली एवं छठ पर्व तक अग्निशमन विभाग के कार्मिकों को अलर्ट रखा जाए। संवेदनशील स्थलों पर अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता एवं त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए। पटाखों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय किए जाए।
महिला सुरक्षा एवं सार्वजनिक परिवहन में सतर्कता
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि भैया दूज पर महिलाओं की आवाजाही बढ़ने के दृष्टिगत सार्वजनिक परिवहन एवं प्रमुख मार्गों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन एवं महत्त्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती एवं नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित रखे। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस की उपस्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रखी जाए।
गैंग के खुलासे तक ही कार्रवाई सीमित न रखी जाए : एडीजी
अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) कानून एवं व्यवस्था अमितभा यश ने कहा कि आपराधिक घटनाओं के खुलासे के उपरांत विवेचना एवं कार्रवाई को केवल घटना के अनावरण तक सीमित न रखे, बल्कि संलिप्त गैंग के पूरे नेटवर्क, उसके विस्तार एवं अंतर-जनपदीय संबंधों की गहनता से जांच की जाए। अभियुक्तों से गहन पूछताछ कर अवैध असलहों की आपूर्ति के स्रोत एवं पूरी सप्लाई चेन तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं आपूर्ति के नेटवर्क का पता लगाकर उसके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करे। जनपदीय पुलिस द्वारा किसी गैंग के खुलासे तक ही कार्रवाई सीमित न रखी जाए। गैंग के व्यापक नेटवर्क एवं अन्य जनपदों में उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए एसटीएफ एवं अन्य जनपदों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीजीपी और एडीजी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, आगामी त्योहारों के दौरान आमजन की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिसिंग, सटीक सूचना संकलन एवं अपराधियों के नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे सभी पर्व शांति, सौहार्द एवं सुरक्षित वातावरण में सकुशल सम्पन्न हो सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक