फतेहपुर: सावन के पहले सोमवार को सिद्धपीठ ताम्बेश्वर बाबा के दर्शन के लिए भक्तों में दिखा उत्साह
ओमघाट से गंगाजल लेकर भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक कर मांगी मनोकामनाएं
फतेहपुर, 03 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सावन मास के पहले सोमवार को जिलेभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। भोर पहर से ही भगवान शंकर के दर्शन के लिए कतारों में भक्त मंदिरों लग गये और भोलेबाबा की पूजा अर्चना कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की दुआ मांगने के लिए उतावले दिखे, साथ भोलेबाबा की जयकार करते रहें।
शहर मुख्यालय स्थित सिद्धपीठ ताम्बेश्वर बाबा के मंदिर प्रांगण व आसपास आज सुबह भक्तों की भीड़ का नजारा देखने लायक रहा। वहीं सुरक्षा व्यवस्था में चप्पे चप्पे में मुस्तैदी से पुलिस कर्मी अपनी ड्यूटी में लगे रहे। कांवड़ियाें के जत्थे जैसे ही मंदिर आते वैसे ही मंदिर परिसर भोले बाबा की जय जयकार से गुंजायमान हो जाते और पूरा परिसर भक्ति रस से सराबोर हो जाता था। भक्त मंदिर परिसर के गर्भगृह में स्थित शिवलिंग की बड़ी श्रद्धा से जलाभिषेक व पूजा कर अपनी मनोकामना मांगते दिखे।
सिद्धपीठ ताम्बेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी राघवेंद्र पाण्डेय ने बताया कि मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। हालांकि यह बात हमेशा से चर्चा में है औऱ बड़े बुजुर्ग बताते भी हैं कि अंग्रेजों के समय जो भी निर्दोष कैदी जेल में बन्द होते थे वह इस मंदिर के दर्शन मात्र से स्वत: ही छूट जाते थे। दरअसल, मंदिर के नजदीक ही लगभग तीन मीटर दूर पश्चिम दिशा में जिला कारागार स्थित है औऱ अंग्रेजों के समय में उसका एक दरवाजा ताम्बेश्वर मंदिर की तरफ़ था। उस दरवाजे से मंदिर के अंदर शिवलिंग का दर्शन हो जाता था। यहां से गुजरते हुए जो भी कैदी मंदिर का दर्शन कर लेता था वह न्यायालय से बरी हो जाता था या उसे जमानत मिल जाती थी। धीरे धीरे यह बात जब जेल प्रशासन को पता चली तो उन्होंने जेल के उस द्वार को बन्द करा दिया और दक्षिण दिशा की तरफ नया द्वार बनवा दिया, ताकि कैदी छूट न पायें।
मंदिर प्रशासन की तरफ़ से धर्मेंद्र सिंह, जनसेवक शिवप्रताप शुक्ला, अभिषेक श्रीवास्तव सहित कई लोगों को दर्शनार्थियों की व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी दी गई है। भक्तों की भीड़ को सुरक्षित जलाभिषेक कराने के लिए मंदिर व जिला प्रशासन द्वारा चुस्त-दुरस्त व्यवस्था की गयी है। मंदिर द्वार पर महिला व पुरुष भक्तों को अलग-अलग कतारों खड़ा किया गया है, जिससे किसी प्रकार अव्यवस्था व अनहोनी न होने पाये।
अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए आये भक्त नीरज सिंह ने बताया कि जो भी व्यक्ति सच्ची श्रद्धा व भक्ति से ताम्बेश्वर बाबा के दरबार में आता है और कोई कामना करता है, भगवान भोले उसकी सारी मनोकामनाओं की पूर्ति करते हैं। ताम्बेश्वर बाबा की कृपा सब पर रहती है। मैं हर वर्ष पूरे सावन मास प्रत्येक दिन भगवान शिव के दर्शन करने आता रहा हूँ। मेरे परिवार में उनकी कृपा से किसी प्रकार की कोई परेशानी है।
मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा ने बताया कि सावन के मौक़े पर भक्तों की भारी भीड़ के ध्यान में रखकर सुरक्षा की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं। सावन के पहले साेमवार के चलते सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस फ़ोर्स की तैनात की गई है। किसी को भी दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं हाेने दी जाएगी।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र कुमार