समाजसेवियों ने जोधा सिंह अटैया सहित 52 क्रांतिकारियों को अर्पित की श्रद्धांजलि

 


बावनी ईमली स्मारक पर 1857 में आज ही के दिन शहीद हुए थे 52 स्वतंत्रता संग्राम क्रांतिकारी

फतेहपुर, 28 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंगलवार को सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद जोधा सिंह अटैया एवं उनके 51 साथियों ने अंग्रेजों के विरूद्ध खुला विद्रोह कर दिया था। इस विद्रोह को दबाने के लिए ब्रिटिश सकरार ने इन सभी 52 क्रांतिकारियों को आज के ही दिन सन् 1857 में एक ही ईमली के पेड़ पर फांसी में लटका दिया था।

इन क्रांतिकारियों की शहादत दिवस पर मंगलवार को बिन्दकी तहसील के खजुहा कस्बा के पास पारादान स्थित बावनी ईमली स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शहीद स्मारक पहुंचकर बलिदानियों की गाथा के मूक गवाह ईमली के पेड़ पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस दौरान स्मारक स्थल ‘भारत माता की जय’ और ‘अमर शहीदों की जय’ के नारों से गूंज उठा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के ज्ञानेंद्र ने कहा कि बावनी इमली स्मारक 28 अप्रैल 1857 की उस रोंगटे खड़े कर देने वाली ऐतिहासिक घटना का गवाह है, जब ब्रिटिश हुकूमत ने 52 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को इसी ईमली के पेड़ पर फांसी दे दी गई थी। इन वीरों ने भारत माता को गुलामी से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।

समाजसेवी लक्ष्मीचंद्र ओमर ने कहा कि इन बलिदानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वहीं समाजसेवी दशरथ सिंह परिहार ने कहा कि यही रणबांकुरे अमर शहीद आजादी के असली नायक हैं।

युवा विकास समिति के प्रवक्ता आलोक गौड़ ने कहा कि 52 क्रांतिकारियों की शहादत सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

खजुहा के पुरषोत्तम इंटर कालेज खजुहा एवं रामपाल बिटाना देवी महाविद्यालय के छात्र छात्राओं द्वारा शहीद स्मारक पहुचकर रैली निकाल श्रद्धासुमन अर्पित किया गया। शिक्षकों द्वारा बच्चो को परिसर का भ्रमण करा आजादी की लड़ाई में अमर क्रांतिकारियों की भूमिका की जानकारी दी गई।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के ज्ञानेंद्र, बालाजी सेवा न्यास के अध्यक्ष लक्ष्मीचंद्र ओमर ‘मोना’, पूर्वीन माता सेवा समिति के अध्यक्ष दशरथ सिंह परिहार, युवा विकास समिति के जिला प्रमुख आलोक गौड़ समेत अरुण, अजमेर सिंह, प्रधान कृष्णचंद्र, शिवशंकर सिंह रिंकू, अमित पटेल, सुनील कुमार, राहुल यादव, मनोज सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से क्रांतिकारियों की अमर गाथा को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।----------

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र कुमार