विश्व संगीत दिवस पर सजी सुर सरगम की महफ़िल, कलाकारों ने दी नए -पुराने गीताें की प्रस्तुति

 


फर्रुखाबाद, 21 जून (हि.स.)। विश्व संगीत दिवस पर रविवार को उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद में कलार्पण द्वारा संगीत गोष्ठी का आयोजन किया गया । इसमें कलाकारों द्वारा शास्त्रीय रागों के साथ नए पुराने गीत प्रस्तुत किए गए।

शहर के जोगराज स्ट्रीट संगीतकार नीरज शुक्ला के आवास पर आयोजित इस संगीत गोष्ठी में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर मन को मुग्ध कर दिया ।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पण कर किया गया ।

संगीत विधा संयोजक ईशांत मिश्रा ने संस्था के ध्येय गीत का गान किया ।

वरिष्ठ संगीतकार नीरज शुक्ला ने 'तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार आदि भजनों पर शानदार प्रस्तुति दी ।

इशांत मिश्रा ने 'प्यार दीवाना होता है मस्ताना भी होता है गीत प्रस्तुत किया।

अंतर्राष्ट्रीय गिटार वादक सूरज शाक्य ने खुद के द्वारा कंपोज की गई धुन पर गिटार के साथ प्रस्तुति दी। आयुष शुक्ला ने ढोलक और क्लब बॉक्स वादन किया ।

तबला वादक निशि यादव ने शानदार प्रस्तुति दी जिस पर नीरज शुक्ला और सूरज शाक्य ने संगत की। रुद्राक्ष शुक्ला ने ओरी सखी मंगल गाओ रे गीत की प्रस्तुति दी ।

वैभव सोमवंशी ने कैशियो बजाकर प्रस्तुति दी।

निर्दोष शुक्ला द्वारा राम चरित मानस की चौपाई की संगीतमय प्रस्तुति दी ।

कार्यक्रम में नीरज शुक्ला को संस्था द्वारा संगीत शिरोमणि सम्मान देकर सम्मानित किया। संगीतकार नीरज शुक्ला ने संगीत से जुड़ी छोटी - छोटी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कला साधना से जीवन में निखार आता है संगीत मन को मुग्ध आत्मा को तृप्त कर देता है यह विकारो को खत्म करता है।

।कार्यक्रम का संचालन संयोजक वैभव सोमवंशी ने किया कार्यक्रम की व्यवस्था मनोज कश्यप,राम मोहन शुक्ल,राजगौरव पाण्डेय, दिलीप कश्यप आदि ने संभाली ।

हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar