फर्रुखाबाद : बाढ़ का पानी कम हुआ तो घरों में घुसने लगे जहरीले सांप, गंगापार में खौफजदा माहौल

 


-कोबरा-करैत, रसेल वाइपर की दस्तक से दहशत, दो दिन में छह जहरीले सांप रेस्क्यू

फर्रुखाबाद, 06 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद फर्रुखाबाद के अमृतपुर गंगापार क्षेत्र में बाढ़ का पानी कम होने के साथ ग्रामीणों की मुश्किलें खत्म होने के बजाय नया रूप ले रही हैं। बाढ़ की तबाही के बाद अब जहरीले सांपों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पानी घटने के बाद सुरक्षित ठिकानों की तलाश में सांप बिलों, झाड़ियों और खेतों से निकलकर घरों, पशुबाड़ों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। कोबरा, करैत और रसेल वाइपर जैसे जहरीले सांप दिखाई देने की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत है। हालात यह हैं कि लोग घर में प्रवेश करने से पहले कमरों और सामान की जांच कर रहे हैं, जबकि बच्चों और बुजुर्गों को अकेले बाहर भेजने से भी परहेज किया जा रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के पानी ने सांपों समेत कई जीव-जंतुओं के प्राकृतिक ठिकानों को प्रभावित कर दिया है। पानी कम होने के बाद ये जीव सूखी और सुरक्षित जगहों की तलाश में आबादी की ओर पहुंच रहे हैं। घरों के कोनों, लकड़ियों, भूसे, मलबे और पशुबाड़ों में सांप छिपे होने की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।

अमृतपुर निवासी शेर सिंह उर्फ शेरा पुत्र बाबूराम ने दावा किया कि उसने पिछले दो दिनों में छह जहरीले सांपों का रेस्क्यू किया है। उसके मुताबिक इनमें कॉमन करैत, रसेल वाइपर और काले नाग शामिल हैं। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की बात कही गई है।

कलक्टरगंज निवासी पप्पू पुत्र सोनेलाल की भैंस को जहरीले सांप ने काट लिया था, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में जहरीले सांपों को लेकर भय और बढ़ गया। इसके बाद शेर सिंह ने क्षेत्र में सांपों का रेस्क्यू शुरू किया। उसके अनुसार पप्पू, तौफीक निवासी कीर्ति तथा जगबीर पुत्र सोनेलाल निवासी कलक्टरगंज समेत अन्य ग्रामीणों के घरों से भी जहरीले सांप पकड़े गए।

बाढ़ के कारण पहले ही खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। अब पानी उतरने के बाद किसान खेतों का हाल देखने पहुंच रहे हैं, लेकिन झाड़ियों, कीचड़ और जमा पानी के बीच सांपों के छिपे होने की आशंका बनी हुई है। पशुपालकों को मवेशियों की चिंता सता रही है तो अभिभावक बच्चों की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद घर-गृहस्थी संभालना ही मुश्किल था, अब जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा नई परेशानी बन गया है। शेर सिंह ने ग्रामीणों से अपील की कि घर या आसपास जहरीला सांप दिखाई देने पर उसे मारने या पकड़ने का प्रयास न करें। तत्काल रेस्क्यू करने वाले व्यक्ति को सूचना दें, ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से पकड़कर आबादी से दूर छोड़ा जा सके। उसके अनुसार सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू करने का प्रयास करता है और अब तक क्षेत्र में सैकड़ों जहरीले जीव-जंतुओं के रेस्क्यू का दावा किया गया है।

बाढ़ ने गंगापार के ग्रामीणों के सामने पहले ही फसल, चारा, आवागमन और घरों की सुरक्षा जैसी तमाम चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अब पानी उतरने के साथ जहरीले सांपों की दस्तक ने लोगों का दिन का चैन और रात की नींद दोनों छीन ली है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी भले ही पीछे हट रहा हो, लेकिन उसकी छोड़ी हुई जटिलताएं अभी लंबे समय तक उनका पीछा करती रहेंगी। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने बताया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में विषैले जीव जंतुओं का खतराें काे देखते हुए सतर्कता जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / चंद्रपाल सिंह सेंगर